भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर अपने परिवार संग इन दिनों कश्मीर घाटी पहुंचे हुए हैं। घाटी में उनके दौरे की तस्वीरें और वीडियो सामने आई हैं। एक वीडियो में बर्फबारी का आनंद लेते दिख रहे हैं। वहीं, इससे पहले उन्होंने अवंतीपोरा में एक बैट फैक्ट्री का दौरा भी किया। यहां उन्होंने बैट बनाए वाले कारीगरों से बातचीत भी की।
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बेटी संग सचिन तेंदुलकर
- फोटो : फोटो- अर्शिद मीर
सचिन तेंदुलकर शनिवार को पत्नी अंजलि तेंदुलकर और बेटी सारा तेंदुलकर के साथ कश्मीर घाटी पहुंचे। यहां उन्होंने अनंतनाग जिले के चारसू में एक बैट निर्माण कारखाने का दौरा किया और चाय की चुस्की के साथ बैट के स्ट्रोक चैक किए।
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सचिन तेंदुलकर की बेटी सारा
- फोटो : अर्शिद मीर
इस दौरान सचिन ने स्थानीय कारीगरों से बातचीत कर बैट निर्माण से जुड़ी बारीकियों के बारे में जाना। सचिन के आने की सूचना पर यहां बड़ी संख्या में प्रशंसक पहुंच गए और उनके साथ सेल्फी ली।
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सचिन तेंदुलकर
- फोटो : अर्शिद मीर
एक घंटा रुकने के बाद सचिन सूर्य मंदिर मट्टन के लिए रवाना हो गए और वहां माथा टेका। बैट निर्माण फैक्ट्री के मालिक जावेद अहमद का कहना है कि मैं क्रिकेट के भगवान के साथ मिलकर काफी खुश हूं और अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि महान क्रिकेटर उनकी फैक्ट्री पर आए। इस दौरान सचिन की सुरक्षा में सुरक्षाबलों के जवान भी साथ रहे।
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सचिन तेंदुलकर
- फोटो : अर्शिद मीर
क्रिकेट बैट निर्माता जावेद अहमद ने बताया कि वह बल्ले बनाने में व्यस्त थे। तभी एक वाहन उनकी ईकाई के गेट पर आकर रुका। कार से जब सचिन को उतरते देखा तो मैं आश्चर्यचकित हो गया। काफी देर तक मुझे यकीन ही नहीं हुआ। सचिन ने आते ही कश्मीर विलो से बने बल्लों की गुणवत्ता की जांच की। सचिन ने कुछ बल्ले उठाए और उनके साथ खेले। यहां बने बल्लों की गुणवत्ता से वह काफी खुश नजर आए।
सचिन ने बताया कि वह देखने आए थे कि इंग्लिश विलो की तुलना में कश्मीर विलो से बने बल्लों की गुणवत्ता कैसी है। कश्मीरी विलो के बल्लों की क्वालिटी ने उन्हें हैरान कर दिया। अहमद ने बताया-मैंने सचिन से स्थानीय बैट निर्माताओं का समर्थन करने की अपील की तो उन्होंने तुरंत उसे स्वीकार कर लिया और कश्मीर विलो को प्रोमोट करने का वादा किया।