दक्षिण कश्मीर के जिला पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को एक आतंकी हमले ने देश को झकझोर कर रख दिया था। आज इस आतंकी घटना को दोपहर सवा तीन बजे पांच साल पूरे हो रहे हैं। इस आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान बलिदान हो गए थे। जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर हमलावर ने विस्फोटक भरी कार से सीआरपीएफ काफिले की बस को टक्कर मार दी थी। धमाका इतना भयंकर था कि बस के परखच्चे उड़ गए। इसके बाद घात लगाए आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग भी की। हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।
इस आतंकी हमले की कीमत जैश-ए- मोहम्मद को बालाकोट एयर स्ट्राइक के रूप में चुकानी पड़ी। आतंकी हमले के 12 दिन बाद 26 फरवरी 2019 को भारतीय सेना के जांबाजों ने बालाकोट में आतंकवादी शिविर पर हमले कर उन्हें नेस्तानाबूत कर दिया।
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Pulwama terror attack (File)
- फोटो : अमर उजाला
हमले के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हमला घिनौना है। मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। उन्होंने कहा कि बहादुर जवानों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा। पीएम मोदी ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से भी बात की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि शहीदों के परिवारों के साथ पूरा देश है।
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Pulwama terror attack(File)
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इससे पहले घटना की निंदा करते हुए रिटायर्ड जनरल वीके सिंह ने ट्वीट कर लिखा कि- एक सिपाही और भारतीय नागरिक होने के नाते ऐसे कायराना हमले से मेरा खून खौलता है। जवानों के खून की एक-एक बूंद का बदला लिया जाएगा।
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Pulwama terror attack (File)
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वहीं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया कि घाटी से बेहद भयानक खबर आ रही है। एक आईडी ब्लास्ट में कई सीआरपीएफ जवानों के शहीद होने की खबर है। मैं इस हमले की कड़ी से कड़ी निंदा करता हूं और घायलों के लिए प्रार्थना करता हूं। शोकाकुल परिवार के प्रति सहानभूति प्रकट करता हूं। एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा कि जैश ने इस फिदायीन हमले की जिम्मेदारी ली है। यह 2004-2005 के आतंक के दिनों की याद दिलाते हैं।
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पुलवामा आतंकी हमला (File)
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इस हमले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी घटना की निंदा करते हुए ट्वीट किया। उनहोंने लिखा कि अवंतीपोरा से दिल दहलाने वाली घटना सामने आ रही है। हमारे जवान शहीद हुए हैं और कई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। ऐसे वीभत्स हमले की निंदा करने के लिए शब्द नहीं मिल रहे हैं। आखिर कितनी जानें लेकर यह पागलपन खत्म होगा?