दुनियाभर में इस्कॉन श्रीकृष्ण की भक्ति का वाहक है, वहीं यह कश्मीर में सद्भावना का संवाहक भी बना हुआ है। 1996 में डाउनटाउन स्थित श्री कथलेश्वर मंदिर में स्थापना के बाद से ही यह हर साल जन्माष्टमी पर शील प्रभुपाद की शोभायात्रा निकालता है। शोभायात्रा की तैयारी से लेकर रथयात्रा के सारथी के तौर पर कश्मीरी मुस्लिम इसमें अहम भूमिका निभाते हैं।कश्मीर में 90 का दशक आतंक के सबसे काले दौर के तौर पर जाना जाता है।
देखिए कश्मीर की जन्माष्टमी : श्रीनगर में गूंज उठा हरे कृष्णा, रथ यात्रा ने बिखेरा सौहार्द और आस्था का रंग
अमर उजाला, नेटवर्क श्रीनगर
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Sun, 17 Aug 2025 01:01 AM IST
सार
श्रीनगर में इस्कॉन ने जन्माष्टमी पर पारंपरिक शोभायात्रा निकाली, जिसमें कश्मीरी हिंदू और मुस्लिम समुदाय ने मिलकर भाग लिया, रथयात्रा में कीर्तन, नृत्य और भक्ति का माहौल देखने को मिला।
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