एक्सिस बैंक में डकैती डालकर 925 करोड़ रूपए लूटने की साजिश लादेन ने रची थी। वारदात में शामिल आठ आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके है। जिनसे हुई पूछताछ में सामने आया कि गैंग का मास्टमाइंड हनुमान उर्फ लादेन विश्नोई है। लादेन ने ही अपने साथी प्रमोद विश्नोई के मार्फत जोधपुर, जैसलमेर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले युवकों को मोटी रकम का लालच देकर गैंग तैयार की थी।
'लादेन' ने रची थी 925 करोड़ रुपये की डकैती की साजिश
साजिश बैंक में लूट की, साथियों से कहा- हवाला रकम लूटेंगे
साथ ही, उन्हें एक्सिस बैंक की चेस्ट ब्रांच में डकैती डालने की बजाए यह बताया था कि वे जयपुर में हवाला की बड़ी रकम को लूटेंगे। पुलिस के मुताबिक आरोपी हनुमान उर्फ लादेन विश्नोई जोधपुर में ओसियां के सिरमंडी गांंव का रहने वाला है। लादेन ने बैंक की चेस्ट ब्रांच की अपने परिचित के जरिए रैकी करवाई थी। जिसमें इसी बैंक के दो पूर्व कर्मचारियों की मदद ली थी।
तिजोरी को तोड़ने के लिए लुहार को भी शामिल किया
वारदात में तिजोरी को तोड़ने के लिए आरोपी प्रमोद विश्नोई ने महामंदिर थाना इलाके में जटिया कॉलोनी निवासी अपने साथी प्रकाश जटिया, पवन जटिया, धर्मेंद्र जटिया, दिनेश लोहार व जयप्रकाश जटिया को तैयार किया था। इन छह आरोपियों को जोधपुर के महामंदिर थाना और जयपुर के क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम आॅपरेशन कर रविवार को ही गिरफ्तार कर लिया था।
मास्टरमाइंड लादेन और फरार आरोपियों की तलाश में दबिश
सोमवार तड़के जयपुर की क्राइम ब्रांच ने जैसलमेर के सम तहसील में दबिश देकर आरोपी विकास मान को धरदबोचा। वहीं, जोधपुर में जाणियों की ढाणी स्थित मकान में छापा मारकर आरोपी अनोप जाणी को पकड़ा। पूछताछ में सामने आया कि अनोप ने आरोपी विकास के पास कार होने से उसे गैंग में शामिल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को 17 फरवरी तक रिमांड पर लिया है। पुलिस वारदात में मास्टरमाइंड लादेन उर्फ हनुमान विश्नोई और उसके साथी ओमप्रकाश, हनुमान, अश्विनी, सोहेल को तलाश कर रही है। जिसके लिए कई दबिशें दी जा रही है।
एक गोली से नाकाम हुई वारदात
पुलिस अनुसंधान में सामने आया कि 5 फरवरी को जोधपुर से एक इनोवा ओर एक अन्य कार में सवार होकर जयपुर के लिए रवाना हुए थे। यहां बदमाशों ने एक कार बगरु और दूदू के बीच खड़ी कर दी। इसके बाद इनोवा में बैठकर जयपुर में सी-स्कीम में रमेश मार्ग स्थित एक्सिस बैंक पहुंचे। जहां बैंक गार्ड प्रमोद को बंधक बनाकर रुपए लूटने का प्रयास किया। लेकिन ड्यूटी पर तैनात पुलिस कांस्टेबल सीताराम ने बहादुरी दिखाते हुए एक गोली चला दी। इससे बदमाशों को खाली हाथ नाकाम होकर भागना पड़ा।