"मेरा इकलौता बेटा एनकाउंटर में मारा गया। मैं और मेरे पति इस दर्द को सहन नहीं कर पा रहे हैं। यह पीड़ा उन सभी मा-बाप को झेलनी पड़ती है, जिनकी औलाद गलत रास्ते पर चल पड़ती है। मैं भगवान से यही प्रार्थना करती हूं कि ये दुख किसी और मां को न मिले.... किसी का बेटा गैंगस्टर न बने।"
यह दर्द है गुरुग्राम में 24 जून को एनकाउंटर में मारे गए गैंगस्टर रोमिल वोहरा (20) की मां रिषा का। यमुनानगर के अशोकनगर निवासी रिषा और उनके पति कपिल वोहरा जेल में बंद हैं। बेटे के अंतिम संस्कार के लिए दोनों को जेल से विशेष अनुमति पर छोड़ा गया।
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रोमिल वोहरा के परिजन विलाप करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार की सुबह कांसापुर श्मशान घाट के लिए रोमिल का शव ले जाए जाते समय रिषा बिलख बिलखकर रो रही थीं। उन्होंने तेज आवाज में कहा, जिन मां-बाप की औलाद गलत रास्ते पर चल पड़ती है, उन पर क्या बीतती है, ये वही जानते हैं।
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रोमिल वोहरा के परिजन विलाप करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
मैं सब बच्चों से कह रही हूं, मेरी सुन लो, अपराध की दुनिया से दूर रहो। उन्होंने कहा, 22 नवंबर 2024 हमारी जिंदगी में सबसे मनहूस दिन था। उस दिन रोमिल ने कालेज जाते समय कहा था, लौटकर कढ़ी चावल खाऊंगा।
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रोमिल वोहरा के परिजन विलाप करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
वह नहीं आया, आज उसका शव आया है। हम बर्बाद हो चुके हैं। कुछ नहीं बचा। रोमिल की वजह से हम पर केस लग गए। कहां जाएं, किसे अपना दुखड़ा सुनाएं, कुछ समझ नहीं आता।
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रोमिल की चिता को अग्नि देते पिता
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
काला राणा गैंग के लिए काम करता था रोमिल
कपिल वोहरा ने बताया कि रोमिल ने पहला अपराध 22 नवंबर 2024 को किया था। यह किसी पर फायरिंग करने का था। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। बाद में पता चला कि वह काला राणा गैंग के लिए काम करने लगा है। हाल ही में उसका नाम कुरुक्षेत्र में शराब कारोबरी शांतनु की हत्या में आया था।