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NGT की बड़ी कार्रवाई: बिल्डरों पर लगाया 153.66 करोड़ रुपये जुर्माना, पर्यावरण नियमों की अनदेखी पड़ी भारी

Sat, 16 Jul 2022 10:03 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 16 Jul 2022 10:03 PM IST
सार

सोनीपत में 4 बिल्डर कंपनियों के 6 प्रोजेक्ट पर जुर्माना लगाया गया है। सबसे ज्यादा जुर्माना टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगा है। नांगल कलां की किसान उदय समिति ने एनजीटी अदालत में दायर याचिका की थी।

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NGT imposes fine of crores of rupees on builders violating environmental rules in Sonipat
गांव नांगल कलां की ग्रामीण किसान उदय समिति के सदस्य। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सोनीपत की चार निजी बिल्डरों की कंपनियों के 6 प्रोजेक्ट पर 153.66 करोड़ रुपये का जुर्माना किया है। कंपनियों में टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर, पार्कर, सीएमडी बिल्डटेक, नारंग कंस्ट्रक्शन शामिल हैं। सबसे ज्यादा टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर 94 करोड़ से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माने की राशि को पर्यावरण संरक्षण में खर्च किया जाएगा। जिसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। कंपनियों को जहां 3 माह में जुर्माना राशि जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं, वहीं कमेटी को पर्यावरण सुदृढ़ता की योजना को लागू करने के लिए छह माह का समय दिया गया है।



गांव नांगल कलां की ग्रामीण किसान उदय समिति के सदस्य कई साल से पर्यावरण प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे। समिति ने वर्ष 2018 में एनजीटी में शिकायत लगाई थी, जिस पर एनजीटी ने शुक्रवार को जुर्माना किया है। शिकायत में ग्रामीणों ने बताया था कि सेक्टर-58 से लेकर सेक्टर-64 तक बिल्डरों ने रिहायशी प्रोजेक्ट तैयार किए हैं। इनमें करीब 15 हजार लोग रहते हैं। इन रिहायशी इलाकों से निकलने वाले दूषित पानी और गंदगी के निपटान की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।

NGT imposes fine of crores of rupees on builders violating environmental rules in Sonipat
एनजीटी - फोटो : NGT

ग्रामीणों के अनुसार दूषित पानी को टैंक में भरकर नांगल कलां गांव के क्षेत्र में छोड़ा जाता है। शिकायत में बताया गया था कि करीब 5 लाख लीटर दूषित पानी हर रोज गांव की जमीन पर डाला जा रहा है, जिसकी वजह से क्षेत्र में बदबू फैल रही है और बीमारियां फैलने का खतरा है। 

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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : एएनआई

वर्ष 2018 में भेजी थी मुख्यमंत्री को शिकायत
किसान उदय समिति ने 24 अप्रैल, 2018 को मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी। जिसमें फोटोग्राफ भी लगाए गए थे। इसके बाद 24 जुलाई, 2018 को हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और गंदा पानी डालते हुए टैंकर भी पकड़े थे। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। वर्ष 2019 में अतिरिक्त मुख्य सचिव के निर्देशों पर गठित कमेटी ने भी निरीक्षण कर सॉलिड वेस्ट के लिए उपयुक्त सिस्टम न होने की जानकारी दी थी। 16 जुलाई, 2019 को भी एक कमेटी ने निरीक्षण कर रिपोर्ट दी थी, जिसमें पर्यावरण प्रदूषण की बात कही थी। 

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NGT imposes fine of crores of rupees on builders violating environmental rules in Sonipat
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Istock

हरियाणा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने भी 22 अक्तूबर, 2019 में एक रिपोर्ट में उपरोक्त बिल्डरों से पर्यावरण प्रदूषण करने की एवज में 1 करोड़ 32 लाख रुपये का जुर्माना लगाने की बात कही थी। 4 सितंबर, 2019 को नगर योजनाकार विभाग के प्रधान सचिव ने बैठक लेकर सोनीपत नगर योजनाकार अधिकारी को सॉलिड वेस्ट के मैनेजमेंट के संदर्भ में निर्देश दिए थे कि वेस्ट की सही मैनेजमेंट सुनिश्चित करें। ग्रामीणों के अनुसार इन सब निर्देशों और आदेशों के बावजूद निजी बिल्डर मनमानी करते रहे।

10 में से 6 बिल्डर को प्रोजेक्ट लागत का 4 फीसदी जुर्माना
कुंडली के सेक्टर-58 से सेक्टर-64 तक रिहायशी प्रोजेक्ट हैं। इन बिल्डर्स की जांच करवाई गई थी, जिसमें 10 में से 6 बिल्डर्स ने घोर अनियमितताएं बरतते पाई थी। इसी वजह से एनजीटी ने छह बिल्डर पर पर्यावरण मुआवजा लगाया है। यह मुआवजा प्रोजेक्ट लागत का 4 फीसदी है। 

इन बिल्डर पर लगा जुर्माना
एनजीटी ने टीडीआई किंग्सबरी अपॉर्टमेंट के लिए टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर 72 करोड़ रुपये, माई फ्लोर-2 सेक्टर-60 के लिए टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर 10.8 करोड़ रुपये, टक्सन सिटी के लिए टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर 12.28 करोड़ रुपये, पार्कर एस्टेट डेवलेपमेंट प्राइवेट लिमिटेड पर 17.1 करोड़ रुपये, सीएमडी बिल्डटेक (प्रदेशी डेवलपर्स) पर 40.48 करोड़ रुपये, नारंग कंस्ट्रक्शन पर 1 करोड़ रुपये जुर्माना किया है। 

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Istock

तीन माह में देना होगा जुर्माना, छह माह में पर्यावरण के लिए योजना करें लागू
एनजीटी ने इन कंपनियों को जुर्माना तीन माह में देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा अपने आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि यह जुर्माना राशि पर्यावरण को जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई के लिए खर्च की जाएगी। एनजीटी ने अतिरिक्त मुख्य सचिव अर्बन डेवलेपमेंट, हरियाणा स्टेट पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड, जिला मजिस्ट्रेट, सोनीपत की कमेटी बनाकर उसकी देखरेख में खर्च करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए तीन महीने में योजना बनाने और 6 महीने में योजना को लागू करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

वहीं पर्यावरण मुआवजे के लिऐ सोनीपत जिला मजिस्ट्रेट और सेंट्रल पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड को नोडल अथॉरिटी बनाया गया है। इसके अलावा यह भी निर्देश दिए गए हैं कि उपरोक्त कंपनियों को पर्यावरण नियमों के तहत अथॉरिटी जब तक क्लीरियंस या एनओसी ना दे दे, तब तक वह प्रोजेक्ट पर काम नहीं कर सकते।

वहीं जिला मजिस्ट्रेट व पॉल्युशन कंट्रोल बोर्ड को देखना है कि किसी भी क्षेत्र में गंदा पानी या गंदगी ना डाली जाए और इन क्षेत्रों में डीजल जनरेटर भी ना चला जाएं। एनजीटी के लिए चेयरपर्सन आदर्श कुमार गोयल, ज्यूडीशियन मेंबर सुधीर अग्रवाल, पुष्पा सत्यनारायण, एक्सपर्ट मेंबर ए सेंथिल वेल की टीम ने यह ऑर्डर दिए हैं।

एनजीटी के आदेश मिले हैं। इन आदेशों को कानूनी विशेषज्ञों से एग्जामिन करवाकर आगामी कार्रवाई की जाएगी। एनजीटी के आदेश के तहत कार्रवाई की जाएगी। एनजीटी के निर्देशों की अवहेलना नहीं होने दी जाएगी। -ललित सिवाच, डीसी, सोनीपत

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