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Bajrang Punia: चोट से उभरकर देश के लिए सोना जीतना अहम, शानदार वापसी से खुशी, ओलंपिक की कमी को किया पूरा

Sun, 07 Aug 2022 03:43 AM IST
भूपेंद्र सिंह रवींद्र कौशिक, संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
रवींद्र कौशिक, संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 07 Aug 2022 03:43 AM IST
सार

बजरंग पूनिया पहले से ही स्वर्ण पदक के दावेदार माने जा रहे थे। राष्ट्रमंडल खेलों में बजरंग ने दिखा दिया है कि विजेता सदैव संघर्ष को पार कर पहले से ज्यादा जोश व जुनून के साथ आगे बढ़ता है।

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Interview of Bajrang Punia after winning gold medal in Commonwealth Games
बजरंग पूनिया - फोटो : सोशल मीडिया

राष्ट्रमंडल खेलों में चोट से उभरकर शानदार वापसी करते हुए देश के लिए सोना जीतने वाले पहलवान बजरंग ने दिखा दिया है कि वह आखिर बली हैं। बजरंग ने स्वयं माना कि चोट से उभरकर देश के लिए सोना जीतना उनके लिए खास हैं। जापान में हुए टोक्यो ओलंपिक से एक माह पहले पैर की चोट के कारण वह अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं दे पाए थे और ओलंपिक में कांस्य से ही संतोष करना पड़ा था।



स्वर्ण पदक विजेता पहलवान बोले कि अब हालात अनुसार कुश्ती लड़ते हैं। जहां एग्रेसिव होने की जरूरत होती हैं वहां एग्रेसिव होते हैं और जहां अटैक करने के बाद डिफेंसिव होने की जरूरत होती है तो वहां उस तकनीक को भी अपनाते हैं। 

बजरंग पूनिया पहले से ही स्वर्ण पदक के दावेदार माने जा रहे थे। राष्ट्रमंडल खेलों में बजरंग ने दिखा दिया है कि विजेता सदैव संघर्ष को पार कर पहले से ज्यादा जोश व जुनून के साथ आगे बढ़ता है। टोक्यो की चोट से उभरते हुए उन्होंने शानदार वापसी की। सोना जीतकर देश को झूमने का अवसर दे दिया। बजरंग पूनिया ने कहा कि देश के लिए सोना जीतना हर बार अहम होता है लेकिन चोट से उभरकर वापसी करते हुए स्वर्णिम सफलता को प्राप्त करना खास होता है।

Interview of Bajrang Punia after winning gold medal in Commonwealth Games
बजरंग पूनिया सेमीफाइनल में हारे - फोटो : social media

बजरंग ने कहा कि वह पहले काफी आक्रामक (एग्रेसिव) खेलते थे। पैर की चोट के चलते इसमें बदलाव आ गया। अब फिर से वह आक्रामक के साथ ही हमलावर होकर खेलेंगे। साथ ही बचाव की स्थिति के दौरान उसे भी खेल में अपनाएंगे। 

Interview of Bajrang Punia after winning gold medal in Commonwealth Games
बजरंग पूनिया - फोटो : social media

चाहता हूं प्रदेश के हर घर से निकलें पहलवान
बजरंग पूनिया ने कहा कि वह चाहते हैं कि प्रदेश के हर घर से पहलवान निकले और कुश्ती का मान बढ़ाए। हरियाणा की माटी में ही कुश्ती है। यही कारण है कि देश में हरियाणा पहलवानी से पहचान बनाता जा रहा है। 

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Interview of Bajrang Punia after winning gold medal in Commonwealth Games
बजरंग पूनिया - फोटो : सोशल मीडिया

पेरिस के लिए जीतोड़ मेहनत करूंगा
बजरंग पूनिया ने कहा कि अब अगला मुख्य लक्ष्य फ्रांस का पेरिस है। टोक्यो में सोने की कमी को राष्ट्रमंडल के सोने ने पूरा तो किया है, लेकिन ओलंपिक में सोने जीतने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए अभी से मेहनत शुरू करेंगे। पेरिस से पीला तमगा लाकर देश का मान बढ़ाऊंगा।

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Interview of Bajrang Punia after winning gold medal in Commonwealth Games
बजरंग पूनिया - फोटो : सोशल मीडिया
10 साल से जारी है बजरंग का शानदार सफर
बजरंग ने वर्ष 2013 में एशियन कुश्ती प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में पहुंचकर अपनी धमक जमाई थी। इसके बाद वर्ष 2014 में एशियाई खेलों में रजत पदक जीता। वर्ष 2017 में इस पदक को स्वर्ण में बदल दिया। इसके बाद वर्ष 2018 में राष्ट्रमंडल व एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीते। वर्ष 2019 में बजरंग को राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड से नवाजा गया। वर्ष 2020 में टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता और अब राष्ट्रमंडल में सोना जीतकर देश का नाम रोशन किया।
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