गणतंत्र दिवस पर निकाले जाने वाली किसानों की ट्रैक्टर परेड के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पांच जगह से निकलने वाली यह परेड करीब 370 किलोमीटर की होगी। किसानों का प्रयास है कि किसी भी सूरत में परेड में कोई शरारती तत्व शामिल नहीं हो सके, जिससे सरकार को किसानों के इस आंदोलन को बदनाम करने का मौका मिले। ऐसे में युवाओं से विशेष तौर पर शांति बनाए रखने की अपील की गई है तो इसके लिए हिदायतें भी जारी कर दी गई है।
युद्ध जैसी तैयारी में जुटे किसान, ट्रैक्टर परेड में हिस्सा लेने वालों के लिए एडवायजरी जारी
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ट्रैक्टर परेड के लिए विशेष झांकी वाली ट्रालियों को ही छूट
किसान नेताओं ने बताया कि यह परेड विश्व पटल पर इतिहास रचने जा रही है। ऐसे में कानून व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी किसानों पर रहेगी। इसके लिए पांच हजार से अधिक वालंटियर लगाए गए हैं। मुख्य रूप से परेड में ट्रैक्टर और दूसरी गाड़ी चलेगी, लेकिन ट्रॉली नहीं जाएगी। जिन ट्रालियों में विशेष झांकी बनी होगी, उन्हें ही छूट दी जा सकती है।
किसान अपने साथ 24 घंटे का राशन पानी पैक करके चलें और जाम में फंसने पर ठंड से बचाव का इंतजाम भी रखें। ट्रैक्टर या गाड़ी पर किसान संगठन के झंडे के साथ-साथ राष्ट्रीय झंडा भी लगाया जाए। किसान कोई हथियार न रखें और भड़काऊ नारेबाजी न करें।
परेड की शुरुआत किसान नेताओं की गाड़ी से होगी और इनसे पहले कोई ट्रैक्टर या गाड़ी रवाना नहीं होगी। हरे रंग की जैकेट पहने ट्रैफिक वॉलंटियर की हर हिदायत को मानें।
संयुक्त किसान मोर्चा का फैसला है कि अगर कोई गाड़ी सड़क पर बिना कारण रुकने या रास्ते में डेरा जमाने की कोशिश करती है तो वालंटियर हटाएंगे। एक ट्रैक्टर पर वालंटियर समेत केवल पांच आदमी सवार हो सकते हैं। देशभक्ति व किसानी के अलावा कोई गीत नहीं बजेगा। किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और 112 नंबर पर सूचना दें।