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Sonipat News: भगवान भरोसे अस्पताल...11 में नौ डॉक्टरों के पद खाली, बचे दोनों भी डेपुटेशन पर

Tue, 25 Aug 2026 02:56 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2026 02:56 AM IST
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9 out of 11 doctor posts vacant; the remaining two are also on deputation.
फोटो : सोनीपत के खरखौदा में थाना कलां मार्ग पर ​स्थित उपमंडल नागरिक अस्पताल।
खरखौदा। उपमंडल नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की कमी गंभीर होती जा रही है। अस्पताल में चिकित्सकों के स्वीकृत 11 पदों में से नौ पहले ही खाली हैं। अब यहां कार्यरत दोनों चिकित्सकों को भी चार माह के लिए डेपुटेशन पर भेजने के आदेश जारी हुए हैं। दोनों के रिलीव होने के बाद अस्पताल में एक भी चिकित्सक नहीं बचेगा, जिससे ओपीडी और आपात सेवाओं के संचालन पर असर पड़ने की आशंका है।
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स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश के अनुसार डॉ. नमन दहिया को पीएचसी मोहाना और डॉ. धीरज को पीएचसी भठगांव में चार माह के लिए डेपुटेशन पर भेजा गया है। वर्तमान में दोनों चिकित्सक अस्पताल की ओपीडी के साथ आपात सेवाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में उनके जाने के बाद मरीजों को नियमित उपचार और आपात स्थिति में चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने में परेशानी आ सकती है।
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एफआरयू का दर्जा मिलने के बाद भी डॉक्टरों की कमी
उपमंडल नागरिक अस्पताल को फर्स्ट रेफरल यूनिट (एफआरयू) का दर्जा मिलने के बाद क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी थी। हालांकि चिकित्सकों के अधिकांश पद खाली होने के कारण इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में एसएमओ का पद भी करीब दो वर्ष से रिक्त है। सीमित चिकित्सकीय स्टाफ के कारण अस्पताल प्रशासन को मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पहले से ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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रोजाना 300 मरीज पहुंचते हैं अस्पताल
अस्पताल में खरखौदा शहर के अलावा आसपास के गांवों से रोजाना करीब 300 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। वर्तमान में दो चिकित्सकों के सहारे ओपीडी और आपात सेवाएं चल रही हैं। दोनों के डेपुटेशन पर जाने के बाद मरीजों की जांच और उपचार प्रभावित हो सकता है। आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने पर गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत बढ़ सकती है।

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अस्पताल में वर्तमान में दो ही एमओ कार्यरत हैं और दोनों के डेपुटेशन के आदेश हुए हैं। इसका सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है। उन्होंने स्थिति से सिविल सर्जन को अवगत कराकर मार्गदर्शन मांगा है, ताकि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारू रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जा सके।
डॉ. जितेंद्र रंगा, एसएमओ, उपमंडल नागरिक अस्पताल खरखौदा
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