हरियाणा के सोनीपत में न्यायालय परिसर में बाइक पर सवार होकर पहुंचे हमलावर पेशेवर नहीं थे। जिस तरह उन्होंने वारदात को अंजाम दिया, इससे तो प्रत्यक्षदर्शी यही मान रहे हैं। उन्होंने तीन गोलियां चलाईं, जिसमें भी एक गोली वहां खड़ी कार के शीशे में लगी। हालांकि बाद में दो गोली वेद प्रकाश को मारकर वह फरार हो गए।
सोनीपत: पेशेवर नहीं थे कोर्ट परिसर में गवाह के हत्यारे, सतर्क होता वेद प्रकाश तो बच जाती जान, कोर्ट में पहले भी हो चुकी ऐसी वारदात
हमलावरों की पहली गोली पास में खड़ी एक कार के शीशे में लगी। उसके बाद चलाईं दो गोलियां। दो गोली लगने से वेद प्रकाश की मौत हुई।
छावनी में बदला कोर्ट परिसर
न्यायालय परिसर में गोली मारकर हत्या करने की सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया। एसपी हिमांशु गर्ग के साथ ही एएसपी निकिता खट्टर और डीएसपी विपिन कादियान की टीम कोर्ट परिसर में पहुंच गई। पुलिस न्यायालय परिसर में संदिग्धों से पूछताछ करती रही।
खरखौदा नंबर की बाइक पर सवार थे हमलावर
हमलावर जिस बाइक पर सवार होकर आए थे, वह खरखौदा नंबर की बताई गई है। पुलिस ने बाइक के नंबर के आधार पर उसका पता लगाने का प्रयास शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है बाइक चोरी की थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि पूरी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज ली
पुलिस ने कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी की फुटेज ले ली है, जिसके आधार पर हमलावरों की गतिविधियों का पता लगाया जा रहा है। साथ ही पता लगाया जा रहा है कि उनके साथ कोई अन्य तो नहीं था। पुलिस मामले में हर पहलू पर जांच कर रही है।
विजयपाल और वीरेंद्र को प्रोडक्शन पर लेगी पुलिस
मामले में बेटी की हत्या के आरोपी विजयपाल और उसके रिश्तेदार वीरेंद्र को आरोपी बनाया गया है। उन पर हत्या का षड्यंत्र रचने का आरोप है। सिटी थाना पुलिस दोनों आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस जल्द मामले से पर्दा उठाने का प्रयास कर रही है।
सोनीपत कोर्ट परिसर में पत्नी की हत्या के मामले में गवाह की हत्या किए जाने से पहले भी तीन मामले सामने आ चुके हैं। साथ ही कुख्यात अजय उर्फ बिट्टू बरोणा पर जानलेवा हमला भी हो चुका है। वहीं हवाई फायर किए जाने की घटना भी हो चुकी है। उसके बाद से सोनीपत कोर्ट में सुरक्षा को लेकर चौकी बनाने के साथ ही सीसीटीवी भी लगवाए गए हैं, लेकिन फिर भी हमलावर वारदात को अंजाम देकर निकल गए।
शुक्रवार को कोर्ट परिसर में गवाही देने आए वेद प्रकाश की सरेआम गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के बाद सोनीपत के लोगों के जेहन में यहां की कोर्ट में पहले हो चुकीं हत्याओं की याद ताजा हो गई। सोनीपत कोर्ट परिसर में दो लोगों की हत्या की जा चुकी है। इसमें सबसे पहले संजय बुटाना की कोर्ट में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
वह कोर्ट परिसर में हत्या के मामले की सुनवाई के लिए आया था। इसी दौरान रंजिश के चलते बुटाना गांव के ही जगबीर ने संजय को गोली मारी थी। इस घटना के बाद वर्ष 2010 में संजय बुटाना के चाचा ओमप्रकाश की भी कोर्ट परिसर में ही गोली मारकर हत्या की गई थी। वहीं मार्च, 2016 में गन्नौर कोर्ट में बदमाश विकास उर्फ दूधिया की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। साथ ही 18 मार्च, 2021 को सिपाही महेश पर कोर्ट परिसर में कुख्यात अजय उर्फ बरोणा की हत्या का प्रयास करने का मुकदमा दर्ज हुआ। अजय के सिर में तीन गोली मारी गई थीं।
सोनीपत न्यायिक परिसरों में हुई वारदात
- वर्ष 2009 में गैंगवार के चलते संजय बुटाना की न्यायालय परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
- वर्ष 2010 में संजय बुटाना के चाचा ओमप्रकाश की न्यायालय परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
- वर्ष 2016 में गन्नौर कोर्ट में कुख्यात विकास दूधिया की गोली मारकर हत्या की गई।
- 18 मार्च 2021 को बिट्टू बरोणा को गोलियां मारी गईं।
- जुलाई, 2021 में कार खड़ी करने को लेकर झगड़े में कोर्ट परिसर में हवाई फायर किए गए।
- 22 अप्रैल 2022 को न्यायालय परिसर में गवाही देने आए वेद प्रकाश की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
व्यक्ति की हत्या से खफा अधिवक्ताओं ने किया वर्क सस्पेंड
न्यायालय परिसर में अधिवक्ता के चैंबर नंबर 207 के बाहर गवाही देने आए मुवक्किल की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद सोनीपत कोर्ट के अधिवक्ता सुरक्षा को लेकर खफा हो गए। उन्होंने बार में वर्क सस्पेंड कर दिया। हालांकि बाद में एसपी से बातचीत के बाद उन्होंने वर्क सस्पेंड को वापस ले लिया।
शुक्रवार सुबह गांव मुकीमपुर निवासी वेद प्रकाश पत्नी की हत्या के मामले में गवाही देने कोर्ट में आया था। जब वह अपने अधिवक्ता अमरीश से मिलकर गवाही देने जाने के लिए उनके चैंबर से बाहर आया तो इसी दौरान बाइक सवार दो हमलावरों ने उनकी हत्या कर दी। घटना से गुस्साए अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था में सवाल उठाए। उन्होंने वर्क सस्पेंड की घोषणा कर दी।
वर्क सस्पेंड से कोर्ट परिसर में कोई कामकाज नहीं हो सका। हालांकि बाद में बार एसोसिएशन प्रधान संदीप शर्मा स्वीटी की सेशन जज व एसपी के साथ बैठक हुई, जिसमें एसपी ने सुरक्षा को लेकर कोई कोताही नहीं बरते जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने वर्क सस्पेंड को वापस ले लिया।
जिला न्यायालय परिसर में हत्या के मामले में गवाही देने आए वेद प्रकाश की सरेआम हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था की फिर से कलई खोल दी। जिसके बाद नवनियुक्त एसपी ने स्वयं कोर्ट परिसर का निरीक्षण किया। सुरक्षा के चलते अब कोर्ट परिसर में केवल अधिवक्ताओं के वाहनों को ही प्रवेश देने का फैसला लिया गया। उनको हनुमान मंदिर की दिशा से प्रवेश दिया जाएगा और महलाना रोड से निकाला जाएगा।
शुक्रवार दोपहर में एसपी हिमांशु गर्ग और जिला बार एसोसिएशन के प्रधान संदीप शर्मा स्वीटी ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश के साथ बैठक की। बैठक के बाद सुरक्षा को पूरी तरह चाक-चौबंद करने का निर्णय लिया गया है। निर्णय हुआ कि अब हनुमान मंदिर और महलाना रोड की ओर सड़क पर गेट बनाए जाएंगे। दोनों गेट पर पुलिस की गार्द तैनात रहेगी।
न्यायालय परिसर में वाहन पार्किंग और टी-स्टाल की ओर से खुलने वाले गेट बंद कराए जाएंगे। बाहरी व्यक्तियों को अपने वाहन कोर्ट परिसर के बाहर ही खड़े करने होंगे। हनुमान मंदिर के पास स्थित रास्ते से प्रवेश के बाद महलाना रोड वाले रास्ते से अधिवक्ताओं के वाहनों की निकासी कराई जाएगी।
हाईकोर्ट की सुरक्षा समिति करेगी परिसर का दौरा
जिला बार एसोसिएशन ने घटना की जानकारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश के साथ ही हाईकोर्ट की सुरक्षा समिति को दे दी। उसके बाद हाईकोर्ट की सुरक्षा समिति ने जल्द ही सोनीपत का दौरा करने का निर्णय लिया है। वहीं अधिवक्ताओं के चैंबर वाले क्षेत्र में भी सीसीटीवी लगाए जाएंगे। इसके लिए हाईकोर्ट को 44 लाख का बजट स्वीकृत करने के लिए मांग पत्र भेजा गया है।
कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है। सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने को हर संभव कदम उठाए जाएंगे। बार एसोसिएशन से भी इस बारे में सुझाव मांगे गए हैं। फिलहाल प्रवेश व निकासी द्वार अलग-अलग करके पुलिस टीम लगाने का निर्णय लिया गया है। - हिमांशु गर्ग, एसपी, सोनीपत