हरियाणा के सोनीपत में टीडीआई एस्पानिया में साढ़े आठ साल के बच्चे की हत्या करने के मामले में पकड़े किशोर ने सीआईडी सीरियल देखकर अपहरण से हत्या तक का षड्यंत्र रचा था। उसने इसके लिए कई दिन तक सीआईडी के एपिसोड देखे। वारदात कर किशोर घर पहुंचा और खाना खाकर फिरौती के लिए पत्र लिखा था। 11वीं कक्षा का आरोपी छात्र पकड़े जाने पर पहले नई-नई कहानी बनाता रहा। लेकिन बाद में वारदात करना कुबूल लिया।
नाबालिग ने की बच्चे की हत्या: 'CID' देख रचा षड्यंत्र, जान लेकर खाया खाना, फिर फिरौती का पत्र बच्चे के घर फेंका
परिवार के लोगों का कहना है कि इसमें अन्य शामिल हो सकते हैं। अकेला इतना कुछ नहीं कर सकता। जब अर्जित के परिजन थाने में गए तो वह उनके फ्लैट में पत्र फेंक आया। जिसमें पुलिस को शिकायत देने पर छात्र की हत्या की धमकी के बारे में लिखा था। किशोर 11वीं कक्षा में पढ़ रहा है। किशोर का परिवार पहले टीडीआई एस्पानिया में रहता था।
अब यहां से दूसरी सोसाइटी में जा चुका है। उसके बावजूद वह अक्सर यहां आता था। उसने अर्जित के साथ दोस्ती की। बाद में उनके परिवार की स्थिति बेहतर देखकर उससे दोस्ती बढ़ा दी। उसकी मां अक्सर आर्थिक स्थिति को लेकर उलाहना देती थी। पिता विसंगतियों के कारण मानसिक रूप से बीमार हो चुके हैं। मां के बार-बार पैसों को लेकर कहने के बाद ही उसने छह लाख रुपये फिरौती मांगने का षड्यंत्र रचा था।
बेटे के अपहरण व उसके बदले में छह लाख रुपये की मांग का पत्र मिलने के बाद अजीत त्रिपाठी होश खो बैठे। बाद में उन्होंने हिम्मत की। किशोर ने सुबह पांच बजकर 10 मिनट तक पैसों का इंतजाम करने को कहा था। जिसके चलते वह रात भर एटीएम पर पैसे निकालने को भटकते रहे। उन्होंने रातभर कई जगह घूमकर चार लाख रुपये जुटा लिए थे। अपने परिचितों के डेबिट कार्ड लेकर भी पैसे निकलवा लिए थे। बाद में लगा कि पहले चार लाख ही दे देंगे। शायद उनका बेटा मिल जाए। वह एटीएम पर घूम ही रहे थे कि बेटे की हत्या होने का पता लगा।
फ्लैट में मिले पत्र में अंग्रेजी में यह लिखा था
तुम्हारा बेटा मेरे पास है, अगर उसको जिंदा देखना चाहते हो तो तुम्हारे पास आज रात तक का टाइम है। 6 लाख लेकर टीडीआई रॉयल गेट नंबर 2 पर के सामने खड़ा हो जाना। तुम वहां 5 एएम मिलने चाहिए। मेरा आदमी तुम से पैसे ले लेगा 5.10 एएम तक। मेरी तुम्हारे ऊपर पूरी नजर है। अगर तुमने पुलिस को बताया या फिर किसी को कुछ भी कहा तो मैं तुम्हारे बेटे को सीधा ऊपर पहुंचा दूंगा। मेरा आदमी पैसे लेकर मेरे पास आते ही तुम्हारा बेटा 6 एएम तक तुम्हारे पास पहुंच जाएगा। अब फैसला तुम्हारे हाथ में है कि पैसा प्यारा है या फिर बेटा। (जो पत्र में लिखा था।)