डॉक्टर को जनता भगवान का रूप मानती है। ऐसे में डॉक्टर को अपने पेशे को समाज सेवा का माध्यम मानना चाहिए। सेवा भाव से किए हुए कार्य से परिवार में अपने आप समृद्धि आती है। चिकित्सा के क्षेत्र में शोध दृष्टिकोण को अपना जरूरी है। यह देश व समाज तरक्की के लिए जरूरी है। यह कहना है राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय का। वे मंगलवार को पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे। यहां उन्होंने विवि के 5806 नव स्नातक चिकित्सकों को डिग्री प्रदान की।
Haryana: दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने 5806 विद्यार्थियों को दी डिग्रियां, बोले- भगवान का रूप हैं चिकित्सक
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 12 Nov 2024 06:16 PM IST
सार
रोहतक में पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय पहुंचे। वह बाेले कि चिकित्सक भगवान का रूप हैं। भारत को पूर्ण रूप से विकसित बनाने में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका जरूरी है। समारोह में राज्यपाल ने चिकित्सा संस्थान से उत्तीर्ण 5806 विद्यार्थियों को स्नातक की डिग्री दी।
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