कुरुक्षेत्र के प्रेम नगर इलाके में सोमवार को दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। यहां अपनी तीन साल की बेटी की बीमारी से परेशान होकर एक पति-पत्नी ने पहले उसे फंदे पर लटकाकर मार डाला। इसके बाद दोनों ने फंदे पर झूलकर आत्महत्या कर ली। मृतकों की पहचान जतिंद्र कुमार (30) और युक्ता (28) व तीन साल की मासूम अद्विका के रूप में हुई। सोमवार को ही अद्विका का जन्मदिन था। उसे सेरेब्रल हाइपोक्सिया बीमारी थी।
आत्मघाती कदम उठाने से पहले जतिंद्र ने अपने बहनोई को व्हाट्सएप संदेश भी ऑटो टाइमर लगाकर भेजा। उसमें कहा-हम खुदकुशी कर रहे, मां को संभाल लेना। उनके कमरे से पुलिस को दस पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसमें भी आत्महत्या का कारण बच्ची की बीमारी को बताया गया है।
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घर के बाहर खड़े परिजन और रिश्तेदार, जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि दंपती ने रविवार देर रात के बाद यह कदम उठाया। आत्महत्या से पहले साढ़े पांच बजे का समय सेट कर कुछ ही दूरी पर रह रहे अपने जीजा को व्हाट्सएप पर संदेश भेज इसकी जानकारी दी। संदेश में कमरा अंदर से बंद होने और कमरे की चाबी रखने की जगह भी लिखी हुई थी। जीजा ने जैसे ही संदेश देखा तो तुरंत पत्नी के साथ ससुराल पहुंचा।
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सामूहिक खुदकुशी के बाद पोस्टमार्टम हाउस पर परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस दरवाजा खोलने के बाद अंदर दाखिल हुई तो मंजर देख सबकी रूह कांप गई। कमरे के बिल्कुल बीचों-बीच छत में लगे कुंडे में एक काले रंग की चुन्नी से मासूम लटक रही थी। उसके दाईं तरफ नई रस्सी से पिता व बाई तरफ मां लटकी थी।
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मृतक दंपती और बच्ची की फाइल फोटो
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डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार ने बताया कि परिजनों ने कोई शिकायत नहीं दी। सुसाइड नोट में मौत का कारण बेटी की गंभीर बीमारी के चलते मानसिक तनाव लिखा है। जांच के बाद तीनों शवों को पोस्टमार्टम करवाने के बाद परिजनों को सौंप दिया। मरने से पहले दोनों ने कमरे के पंखे व झूमर को उतारकर वहां कुंडे लटकवाए थे। इन्हीं कुंडों पर उन्होंने फंदे डाले।
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शवों को लेकर जाते हुए
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जतिंद्र रेलवे डाक सेवा में थे कार्यरत, पिता थे पुलिस में
जतिंद्र मूल रूप से करनाल के सीकरी गांव के रहने वाले थे। वह रेलवे डाक सेवा में काम करते थे। पिता महेंद्र सिंह पंजाब पुलिस से एएसआई सेवानिवृत थे और करीब छह माह पहले ही मौत हो चुकी है। परिवार में सिर्फ मां बिमला देवी बची हैं। एक भाई प्रतीक भी है जो अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कनाडा में रहता है।