राकेश टिकैत के आंसू लाए किसानों का सैलाब, हरियाणा में टोल पर दोगुने हुए किसान, हाथ जोड़कर दी ये चेतावनी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 29 Jan 2021 12:32 PM IST
पानीपत टोल पर डटे किसान।
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किसान नेता राकेश टिकैत के आंसू हरियाणा के किसानों में दोबारा दमखम भर गए हैं। दिल्ली हिंसा के बाद बुधवार और गुरुवार को कई जगह टोल प्लाजा से किसानों को हटा दिया गया था। शुक्रवार को हरियाणा के साथ पंजाब के किसानों ने फिर पानीपत टोल टैक्स पर डेरा डाल लिया है। किसानों के लिए लंगर सेवा को भी चालू कर दिया गया है और टोल टैक्स को फ्री करवा दिया गया है। 
पानीपत में टोल को फ्री करवाते किसान।
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जिन वाहनों से फास्टैग के जरिए टैक्स लिया जा रहा था, उसे भी किसानों ने विनम्र निवेदन के साथ बंद करवा दिया है। टोल पर भारी संख्या में किसानों के जमावड़े को देखकर मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। किसानों का कहना है कि वह किसी प्रकार का उपद्रव या हिंसा नहीं चाहते उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से अपना प्रदर्शन करने दिया जाए।

 
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पानीपत टोल पर पहुंचे किसान।
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दिल्ली हिंसा प्रकरण के बाद किसानों को बदनाम करने की साजिश की बात पर किसान नेता राकेश टिकैत रो पड़े थे। उन्होंने हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के किसानों से अपील की कि इस आंदोलन में ज्यादा से ज्यादा संख्या में हिस्सा लेकर शांतिपूर्ण ढंग से अपना प्रदर्शन कर इसे सफल बनाएं। उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। 
 
मौके पर तैनात भारी पुलिस बल।
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राकेश टिकैत की अपील के साथ देर रात को ही किसान अपने घरों से निकल पड़े। कुछ किसान दिल्ली पहुंच गए तो कुछ किसानों ने प्रदेश में अलग-अलग जगह पर अपना डेरा डाल लिया है। किसानों की मांग है कि वे शांतिपूर्ण ढंग से अपना प्रदर्शन करना चाहते हैं उनके साथ जोर जबरदस्ती न की जाए। वे सरकार को शांतिपूर्ण तरीके से जवाब देना चाहते हैं।
 
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पानीपत टोल प्लाजा पर लंगर फिर शुरू कर दिया गया है।
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शुक्रवार सुबह 11 बजे करीब 2000 किसान पानीपत टोल प्लाजा पर पहुंचे और टोल को टैक्स फ्री करवा दिया। किसानों की बढ़ती तादाद को देखकर जिला प्रशासन के नुमाइंदे मौके पर पहुंचे और किसानों से लंगर सेवा और पंडाल हटाने के लिए आग्रह किया लेकिन इस बार किसान अड़े रहे। हाथ जोड़कर किसानों ने चेतावनी दी कि इस बार उनकी लंगर सेवा या पंडाल को कोई हाथ नहीं लगा सकता।
  
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