हरियाणा के भिवानी में सुनियोजित हत्या को हादसे का रूप देने के लिए सगे बड़े भाई बिजेंद्र ने ही जेबीटी शिक्षक जितेंद्र के परिवार को मौत की नींद सुलाने की साजिश छह माह पहले रच डाली थी। जिसे अंजाम देने के लिए तीनों को जूस में छह पत्ते नींद की दवा पिलाई और फिर नींद में ही उनके कमरे में अंगीठी का धुंआ कर उन्हें हमेशा के लिए सुला दिया।
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नई बस्ती निवासी जेबीटी शिक्षक जितेंद्र (45), उसकी पत्नी सुशील (42) और दसवीं में पढ़ने वाली हिमानी (16) 27 जनवरी को घर पर एक ही बेड पर संदिग्ध हालत में मृत अवस्था में मिले थे। पुलिस ने मौके पर प्रारंभिक जांच में अंगीठी से दम घुटने की वजह से तीनों की मौत मान रही थी। पोस्टमार्टम में भी मौत की वजह दम घुटने से ही पता लगी थी।
पुलिस के सामने बिजेंद्र ने बताया कि वह अपने छोटे दिव्यांग भाई जेबीटी टीचर जितेंद्र की संपत्ति पर नजर रखता था। वह नहीं चाहता था कि उसके छोटे दिव्यांग भाई की शादी हो और वह संपत्ति में हिस्सेदार बने। लेकिन जितेंद्र ने न केवल अपनी काबिलियत पर खुद की प्रॉपर्टी को बढ़ाया, बल्कि बिजेंद्र का नई बस्ती वाला मकान भी 58 लाख रुपये में खरीद लिया था।
उसने 25 जनवरी को गुरुग्राम से नई अंगीठी खरीदी और फिर वह अपने भाई के घर पहुंचा। 26 जनवरी को आरोपी बिजेंद्र अपने छोटे भाई और उसके बीवी और बेटी को अपनी गाड़ी में बैठाकर अपने पैतृक गांव बड़ी भैणी में परिजनों से मिलाने भी लेकर गया। शाम को जब वे गाड़ी से तीनों लौट रहे थे तो उसने छह माह पहले अपना मकसद पूरा करने के लिए खरीदी नींद की गोलियों को बड़ चौक पर एक जूस की दुकान पर जूस लेने के दौरान मिला दिया। तीनों को छह पत्ते नींद की गोलियों की ओवरडोज दी गई।