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World Environment Day 2021: पछुवा हवा और बारिश से सुधरता है प्रदूषण का स्तर, गवाह हैं ये आंकड़े

Sat, 05 Jun 2021 10:16 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 05 Jun 2021 10:16 AM IST
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World Environment Day 2021 Pollution level of Gorakhpur city bad industrial area Sahjanwan very bad
विश्व पर्यावरण दिवस 2021: रामगढ़ताल। - फोटो : ज्ञानप्रकाश गिरी
पर्यावरण दिवस के मौके पर विभिन्न संगठनों की ओर से पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता के लिए गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी। कुछ लोग पौधे भी लगाएंगे, लेकिन पिछले कई दशकों की गतिविधियां साबित करती हैं कि सारी कवायद खानापूर्ति ही साबित होती है। आंकड़े बताते हैं कि पर्यावरण की सेहत सुधारने के लिए कुछ खास इंतजाम नहीं किए गए हैं। ताल पोखरों को पाट कर कंक्रीट के जंगल बना दिए गए। पेड़- पौधों को भी साफ करके घर बना दिए गए। कृषि भूमि में फैक्टरियों की चिमनियां ‘जहर’ उगल रही हैं। 


गोरखपुर शहर के अलावा औद्योगिक क्षेत्र सहजनवां का एयर क्वालिटी इंडेक्स हमेशा खराब बना रहता है। यह तभी सुधरता है जब पछुवा हवा चलती है या बारिश होती है। पिछले 10 दिनों के एयर क्वालिटी इंडेक्स के आंकड़े इस बात के गवाह हैं। गोरखपुर एनवायरनमेंटल एक्शन ग्रुप के विशेषज्ञ कैलाश पांडेय का कहना है कि जब भी पछुवा हवा चलती है या बारिश होती है तो गोरखपुर शहर और औद्योगिक क्षेत्र सहजनवां के एयर क्वालिटी इंडेक्स में सुधार हो जाता है, अन्यथा एयर क्वालिटी इंडेक्स के अनुसार गोरखपुर शहर में हवा की गुणवत्ता खराब और सहजनवां में बहुत खराब रहती है। 
World Environment Day 2021 Pollution level of Gorakhpur city bad industrial area Sahjanwan very bad
विश्व पर्यावरण दिवस 2021: - फोटो : ज्ञानप्रकाश गिरी
गोरखपुर शहर में कभी 100 से ज्यादा ताल पोखरे होते थे जो अब घटकर 40 के आसपास रह गए हैं। इसका असर पर्यावरण पर पड़ता है। कैलाश पांडेय कहते हैं कि हर साल समुद्री पौधे हमारे वायुमंडल के आधे से अधिक ऑक्सीजन का उत्पादन करते हैं। जबकि एक परिपक्व पेड़ वायुमंडल की हवा को शुद्ध करता है और 22 किलोग्राम कार्बन डाई ऑक्साइड को अवशोषित करता है। बदले में ऑक्सीजन छोड़ता है। इन सबके बावजूद मानव पर्यावरण के साथ दुर्व्यवहार करता है। समय आ गया है कि पर्यावरण की सेहत सुधारने के लिए गंभीर प्रयास किए जाएं।  

World Environment Day 2021 Pollution level of Gorakhpur city bad industrial area Sahjanwan very bad
विश्व पर्यावरण दिवस 2021: - फोटो : अमर उजाला।
एयर क्वालिटी इंडेक्स
तारीख   गोरखपुर    सहजनवां

26 मई    157          184
27 मई    139          169
28 मई    101          136
29 मई    141          173
30 मई    141          180
01 जून    160         197  
02 जून    162         194
03 जून    168         197
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World Environment Day 2021 Pollution level of Gorakhpur city bad industrial area Sahjanwan very bad
विश्व पर्यावरण दिवस 2021: - फोटो : अमर उजाला।
मैदानी क्षेत्रों में होना चाहिए 20 प्रतिशत वन
डीएफओ अविनाश कुमार ने बताया कि वन नीति के अनुसार पूरे देश का तिहाई भू-भाग वन आच्छादित होना चाहिए। मैदानी क्षेत्रों में 20 फीसदी क्षेत्र वन आच्छादित होना चाहिए। लेकिन फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के सर्वे के अनुसार गोरखपुर शहर में कुल भौगोलिक क्षेत्र 3321 वर्ग किमी है जिसमें से 16900 हेक्टेयर वन क्षेत्र है। जो कि तकरीबन 2.67 प्रतिशत है। लेकिन इसमें और सुधार की आवश्यकता है।
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मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय। - फोटो : अमर उजाला।
मौसम एवं पर्यावरण विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि इस बार पर्यावरण दिवस की थीम इकोसिस्टम रिस्टोरेशन है। यानी मानव के द्वारा जंगलों के कटने, ताल- तलैया के विलुप्त होने, पेड़ पौधों के कटने की वजह से वन क्षेत्र कम होने, वाहनों के ज्यादा इस्तेमाल से हवा की गुणवत्ता खराब होने जैसे मसलों में सुधार करना है।
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