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100 साल पहले गोरखपुर आए थे महात्मा गांधी, इस मैदान में उमड़ पड़ा था जन सैलाब

Sat, 30 Jan 2021 02:20 PM IST
vivek shukla राजीव रंजन, गोरखपुर।
राजीव रंजन, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 30 Jan 2021 02:20 PM IST
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When mahatma gandhi visits in gorakhpur Special story
गोरखपुर में महात्मा गांधी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

आज से करीब 100 साल पहले महात्मा गांधी गोरखपुर आए थे। आठ फरवरी 1921 का दिन था। सुबह-सुबह गोरखपुर रेलवे स्टेशन 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज रहा था। घुटनों तक धोती पहने दुबला-पतला एक व्यक्ति समर्थकों के साथ स्टेशन से बाहर निकला और एक ऊंचे स्थान पर खड़ा होकर जनता का अभिवादन स्वीकार किया। सामने एक चादर बिछी थी, उस पर पैसों की बरसात हो रही थी। यह व्यक्ति कोई और नहीं महात्मा गांधी थे।

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बाले मियां मैदान। - फोटो : अमर उजाला।

यह उनका गोरखपुर में पहला और अंतिम आगमन था। उसी दिन उन्होंने बाले मियां के मैदान से जनता को संबोधित भी किया था। वह दौर खिलाफत आंदोलन का था। लिहाजा सभा में उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता के अलावा अवध के किसानों को हिंसक आंदोलन न करने की सलाह दी। उस समय के दस्तावेजों के अनुसार उस सभा में करीब डेढ़ लाख लोगों की भीड़ थी।

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गोरखपुर रेलवे स्टेशन। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

उस समय की गोरखपुर की आबादी और यातायात के बेहद सीमित साधनों के मद्देनजर खुद में यह इतिहास था। वे उसी दिन रात को 8.30 बजे की ट्रेन से बनारस लौट गए। वापसी में भी रेलवे स्टेशनों व पटरियों के किनारे महात्मा के दर्शन के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा था।

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महात्मा गांधी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला।

17 अक्तूबर 1920 को मौलवी मकसूद अहमद
फैजाबादी और गौरीशंकर मिश्रा की अध्यक्षता में हुई सार्वजनिक सभा में महात्मा गांधी को गोरखपुर में आमंत्रित करने का निर्णय हुआ। टेलीग्राम के जरिए उनको बुलावा भेजा गया।

 

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बाबा राघवदास। (फाइल फोटो) - फोटो : BRDMC

इस बीच बाबा राघवदास की अगुआई में एक प्रतिनिधिमंडल नागपुर के कांग्रेस अधिवेशन में गया और महात्मा गांधी से गोरखपुर आने का अनुरोध किया। उन्होंने जनवरी के अंत या फरवरी के शुरू में गोरखपुर आने का आमंत्रण कबूल कर लिया। इसके बाद तो उनके आने की बात पूरे इलाके में जंगल की आग की तरह से फैल गई।

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