गोरखपुर में तीन दिवसीय लॉकडाउन के दूसरे दिन लोगों ने समझदारी का परिचय दिखाया और खुद ही घरों में कैद रहे। कुछ ने नादानी दिखाई तो पुलिस और प्रशासन के अफसरों ने उन्हें रोककर हिदायत दी। कुछ का चालान हुआ तो कुछ को सड़क पर उठक-बैठक करनी पड़ी। दवा की दुकानों पर रविवार को बेतियाहाता और टाउनहॉल की सड़क पर थोड़ी चहल पहल रही। अस्पताल, रेलवे व बस स्टेशन पर भी लोग आते-जाते दिखे, मगर बाकी हिस्सों में सन्नाटा पसरा रहा। शहर से लेकर देहातों तक की सड़कों, बाजार और मोहल्लों की गलियों में सुबह से लेकर रात तक खामोश रही।
गोरखपुर लॉकडाउन: दवा की दुकानों, रेलवे व बस स्टेशन पर चहल-पहल, तस्वीरों में देखें शहर का हाल
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प्रमुख बाजारों महेवा गल्ला मंडी, साहबगंज आदि में भी माल लदी गाड़ियां खड़ी रहीं। मगर, दुकानों के शटर गिरे रहे। खचाखच जाम रहने वाली इन बाजारों की गलियां पूरी तरह शांत दिखीं। ऐसा ही कुछ नजारा गोलघर, बैंक रोड, बक्शीपुर, मोहद्दीपुर, मेडिकल कॉलेज रोड, देवरिया बाईपास, रुस्तमपुर, असुरन, गीता वाटिका आदि प्रमुख सड़कों का भी रहा। शुक्रवार की शाम से जो सन्नाटा इन सड़कों पर पसरा वह रविवार को भी बरकरार रहा।
सभी मॉल, सिनेमाहॉल, पार्क के दरवाजे बंद रहे और वहां तैनात सुरक्षा गार्ड मुंह पर मास्क बांधे अपनी ड्यूटी बजाते रहे। कर्फ्यू की वजह से सड़कों पर टेंपो और रिक्शा भी नहीं चले, जिसकी वजह से रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट पर आने और जाने वाले यात्रियों को पैदल ही सफर तय करना पड़ा। रोडवेज की बसें भी गिनती की ही चलीं, जिससे शहर से बाहर जाने वाले यात्रियों को भी काफी देर तक स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। अभी सोमवार को भी लॉकडाउन रहेगा। मंगलवार की सुबह सात बजे के बाद से पहरा हटेगा, जिसके बाद लोग आम दिनों की तरह अपने जरूरी काम-काज निपटा सकेंगे।
पेट्रोल टंकी खुली रही पर खाली बैठा रहा स्टाफ
जिले की सभी पेट्रोल टंकी खुली रही, मगर ज्यादातर जगहों पर सन्नाटा ही पसरा रहा। पूरे दिन कर्मचारी बैठे ही रह गए। शहर की कुछ पेट्रोल टंकियों पर जरूरी सेवाओं में तैनात दो-चार कर्मचारी अपने वाहनों में तेल भराते दिखे।
रसोई गैस की हुई होम डिलीवरी
सभी रसोई गैस एजेंसियां भी पूर्व की ही तरह काम करती रहीं। एजेंसी पर तो कोई ग्राहक नहीं पहुंचा, लेकिन रसोई गैस हॉकर मोहल्ले-मोहल्ले घूम रसोई गैस सिलिंडर की सप्लाई करते दिखाई पड़े।