गोरखपुर-बस्ती मंडल में झूमकर बारिश हो रही है। शुक्रवार रात से लेकर शनिवार तक रुक-रुककर हुई बारिश से शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव हो गया। वहीं रविवार की सुबह से ही बादल साफ नजर आया। और हल्की धूप खिल गई।
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शनिवार सुबह तक की बात करें तो सबसे ज्यादा बारिश डुमरियागंज में 96 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई। सलेमपुर में 74 मिमी, निचलौल में 62.5 मिलीमीटर तो नौतनवा में 55 मिलीमीटर बारिश हुई। गोरखपुर में 41.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय का कहना है कि गोरखपुर के ऊपरी वायुमंडल में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इस वजह से गोरखपुर में भारी बारिश हो रही है। अगले कुछ दिनों तक बारिश के ऐसे ही जारी रहने की संभावना है।
विशेष सफाई अभियान के बाद है यह हाल
जलभराव अब भी शहर की सबसे बड़ी समस्या बना हुआ है। यह हाल तब है जबकि फरवरी से लेकर जून तक नगर निगम ने विशेष सफाई अभियान चलाकर शहर के 230 छोटे बड़े नालों की सफाई की तल्लीझाड़ सफाई का दावा किया था। इस दौरान निचले इलाकों धर्मशाला बाजार, भेड़ियागढ़, विष्णुपुरम, दरगहिया टोला, लालडिग्गी पार्क, रसूलपुर भट्टा, महेवा चुंगी, रामनगर, ओमनगर और टिनघर पुलिया के पास संपवेल का निर्माण भी कराया गया है।
संपवेल का पंप चलाने में होती है लापरवाही
शहर के निचले इलाकों से पानी निकालने के लिए जरूरी है कि संपवेल के पंप बारिश शुरू होने के कुछ देर के बाद शुरू हो जाएं, लेकिन अक्सर इसमें लापरवाही होती है। जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए राप्ती तट पर लगाए गए रेगुलेटर भी सुस्ती के चलते कारगार साबित नहीं हो पाते। महुई सुघरपुर, रुस्तमपुर, महेवा मंडी, दुर्गा चौक, बगहा बाबा मंदिर रोड आदि इलाकों की समस्या दूर करने में कटनिया बांध पर लगे पांच पंप काफी कारगर हैं, लेकिन इन्हें चलाने में लापरवाही बरती जाती है। महुई सुघरपुर वार्ड के पार्षद चंद्रप्रकाश सिंह उर्फ गोली सिंह का कहना है कि अगर कटनिया बांध पर लगा पंप चलता रहे तो इन इलाकों में जलभराव नहीं होगा।
तारामंडल: घर से निकलना हुआ दूभर
पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते जलभराव से वैसे तो शहर के ज्यादातर इलाकों के लोग परेशान हैं लेकिन तारामंडल इलाके के लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया है। कई कॉलोनियों में 24 घंटे से पानी भरा हुआ रहता है।