उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी के बीच लोकतंत्र के उत्सव का रंग चटख दिखा। हर वर्ग के मतदातओं में उत्साह दिखा। खास बात यह रही कि सभी कोविड से बचाव के प्रति सजग रहते हुए मास्क का प्रयोग किया। महराजगंज जिले के सभी बूथो पर ढलती उम्र में लोकतंत्र को मजबूत बनाने का जज्बा दिखा। आशक्त एवं वृद्धजन अपनों का सहारा लेकर उत्साह के साथ बूथ पर पहुंचकर मताधिकार का प्रयोग किए तो हर कोई उनके जज्बे को सलाम किया।
UP Panchayat Election 2021: ढलती उम्र में लोकतंत्र को मजबूत बनाने का दिखा जज्बा, तस्वीरें देखकर हो जाएंगे खुश
सदर ब्लॉक के पिपरा रसूलपुर गांव के बूथ पर अस्सी साल की रामरती देवी धीरे-धीरे अपनी बहू के साथ बूथ पर पहुंचे। वह ठीक ढंग से चल नहीं पा रही थीं। बहू का सहारा लेकर बूथ करीब पहुंची तो ड्यूटी पर तैनात एक कांस्टेबल ने भी सहृदयता दिखाते हुए बोला- आई मां जी। इसके बाद उसने सहारा देकर अंदर प्रवेश कराया। इसके बाद रमारती देवी मतदान की। उन्होंने कहा कि मताधिकार का प्रयोग सभी को करना चाहिए। उम्र ढल गई तो क्या हुआ, गांव की सरकार बनाने का उत्साह है।
वहीं मुंडेरा कला गांव में 90 वर्षीय कैलासी देवी अपने बेटे के साथ परशुराम के साथ बूथ पर पहुंची। कैलाशी देवी को उनका बेटा गोद में उठाकर लेकर जा रहा था। मताधिकार का प्रयोग के लिए कैलाशी देवी के जज्बे को देखते ही बन रहा था। वह ढंग से बोल भी नहीं पा रही थी। उनकी लड़खड़ाती जुबान में बस इतना बोलीं- बाबू प्रधानी के वोट देवे आईल बानी।
इसी गांव के अस्सी साल के मुन्ना प्रसाद लाठी का सहारा लेकर धीरे-धीरे बूथ की तरफ बढ़ रहे थे। उनके नाती धर्मेद्र चंद्रशेखर और सुरेंद्र साथ में थे। सभी उनको सहारा देकर वोट डालने के लिए ला रहे थे। उन्होंने बताया कि जब तक जान रहेगी, अवसर आने पर मताधिकार का प्रयोग जरूर करूंगा। क्योंकि गांव के विकास के लिए मतदान जरूरी है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि हमेशा अपने मताधिकार का प्रयोग उत्साह के साथ करें।
जयश्री गांव में नर्वदा चौधरी (75) अपने बेटे राजू एवं रामकिशुन के साथ आए। इसी गांव के परमेश्वर प्रसाद (80) अपने बेटे राजकुमार के साथ गोद में उठाकर लेकर जा रहे थे। सिधावे गांव की रामबासी (70) बेटे कन्हैया के साथ ढ़ेले पर बैठकर आईं। वहीं हरदी गांव की पानमती (90) एवं बनकटवां गांव के केदार (85) ओबरी बूथ पर बेटे रमेश के साथ वोट डालने पहुंचे।