उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विधानसभा चुनाव 2022 में गोरखपुर से उम्मीदवार बनेंगे। ऐसे में तमाम अटकलों पर अब विराम लग गया है कि सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या, देवबंद और गोरखपुर में से कहां से चुनाव लड़ेंगे। भाजपा ने पहली सूची में 107 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। आज हम आपको सीएम योगी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो उनके संघर्ष की कहानी को बयां करता है।
UP Election 2022: पांच बार सांसद बनने के बाद मुख्यमंत्री बने योगी आदित्यनाथ, पढ़िए इनके संघर्ष की कहानी
महंत अवेद्यनाथ के निधन के बाद योगी को गोरखनाथ मंदिर का महंत बना दिया गया। बता दें कि 1998 में योगी ने गोरखपुर लोकसभा सीट से पहली बार भारतीय जनता पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ा और वो जीत गए। 12वीं लोकसभा चुनाव में वो सबसे कम उम्र के सांसद थे, उस समय उनकी उम्र केवल 26 वर्ष की थी। 1998 से लेकर मार्च 2017 तक योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद रहे। 2017 में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। योगी आदित्यनाथ गोरखपुर लोकसभा सीट से लगातार 5 बार सांसद चुने गए हैं।
योगी आदित्यनाथ के पिता फॉरेस्ट रेंजर के पद से 1991 में रिटायर हो गए थे। उसके बाद से वे अपने गांव में रह रहे थे। योगी आदित्यनाथ अपना परिवार छोड़कर गोरखपुर महंत अवेद्यनाथ के पास चले गए थे। सीएम योगी चार भाई और तीन बहनों में दूसरे नंबर के हैं। उनके दो भाई कॉलेज में नौकरी करते हैं, जबकि एक भाई सेना की गढ़वाल रेजिमेंट में सूबेदार हैं।
योगी के गुरु अवेद्यनाथ ने 1998 में राजनीति से संन्यास लिया और योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। यहीं से योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक पारी शुरू हुई। 1998 में गोरखपुर से 12वीं लोकसभा का चुनाव जीतकर योगी आदित्यनाथ संसद पहुंचे तो उस समय वह सबसे कम उम्र के सांसद थे, वो 26 साल की उम्र में पहली बार सांसद बने।
योगी आदित्यनाथ हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक भी हैं, हिंदू युवा वाहिनी संगठन हिंदू युवाओं का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रवादी समूह है। सात सितंबर 2008 को सांसद योगी आदित्यनाथ पर आजमगढ़ में जानलेवा हिंसक हमला हुआ था। इस हमले में वे बाल-बाल बच गए थे।