उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में आम बजट पर राजनीति दलों से अलग-अलग प्रतिक्रिया मिली हैं। भाजपा ने इसे आत्मनिर्भर भारत का मजबूत आधार बताया और कहा कि हर वर्ग, हर व्यक्ति की चिंता की गई है। वहीं विपक्ष ने निराशाजनक करार दिया है। विपक्ष का कहना है कि सरकारी कंपनियों के निजीकरण के अलावा बजट में कुछ भी नहीं है। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें लोगों की प्रतिक्रिया...
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बजट 2021: गोरखपुर क्षेत्र के भाजपा अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह।
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गोरखपुर क्षेत्र के भाजपा अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि आम बजट से आत्मनिर्भर भारत की मुहिम रंग लाएगी। स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, रोजगार और इंफ्रास्ट्रचर पर विशेष जोर दिया गया है। खेती, किसानी पर ध्यान है। एमएसपी पर खरीद जारी रहेगी। एमएसपी डेढ़ गुना बढ़ाने का प्रावधान भी है। कोरोना वैक्सीन के लिए अलग से बजट दिया गया है। यह भाजपा सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सरकार का मकसद हर व्यक्ति को कोरोना वायरस से सुरक्षा देना है। सड़क बिजली व पानी सहित हर क्षेत्र में सुधार की बात की गई है।
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बजट 2021: सपा जिला अध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी और अमरेंद्र निषाद।
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सपा जिलाध्यक्ष नगीना प्रसाद साहनी ने कहा कि भाजपा सरकार शुरू से उद्योगपतियों के हाथों में कैद रही है। पहली सरकार है, जो सब कुछ बेचने पर आमादा है। एयरपोर्ट से लेकर बिजली तक का निजीकरण किया जा रहा है। किसान व जरूरतमंदों के हितों का ख्याल नहीं रखा गया है। इसका खामियाजा सरकार को आगामी विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा। जनता नाराज है।
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बजट 2021: बसपा मंडल कॉडिनेटर विरेंद्र पांडेय।
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बसपा जिलाध्यक्ष घनश्याम राही ने कहा कि बजट में कुछ नहीं है। इसमें आम आदमी के लिए कुछ नहीं है। किसान भी मायूस हैं। सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी दिखाई गई है, जो किसी के समझ में नहीं आएगी। सरकार की नीयत में खोट है। निजीकरण से समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार को ठोस कदम उठाने पड़ेंगे।
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बजट 2021: जिला अध्यक्ष निर्मला पासवान। (फाइल)
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान ने कहा कि बजट निराशाजनक है। खेती-किसानी के लिए कुछ नहीं है। सरकार का सारा जोर निजीकरण पर है। इससे किसी को कोई फायदा नहीं होगा। सरकार किसी की कोई बात सुनने को तैयार नहीं है। किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। इसकी झलक बजट में दिखनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं है। सरकार सिर्फ अपनी पीठ थपथपा रही है।