गोरखपुर शहर में जाम को लेकर मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद हरकत में आए नगर निगम और पुलिस-प्रशासन ने अतिक्रमण हटवाए और ऑटो चलने के लिए स्थान तय कर दिए, लेकिन इसी बीच नगर निगम ने एक बड़ा खेल कर दिया। बड़ी चालाकी से पांच दिसंबर 2023 को चार प्रमुख चौराहों पर सड़क पर ही स्टैंड का ठेका दे दिया।
गोरखपुर में जाम: खेल नौ करोड़ रुपये का... ऑटो स्टैंड के नाम कर दिए प्रमुख चौराहे
गोरखपुर में ऑटो एसोसिएशन को स्टैंड चलाने की जिम्मेदारी दी गई है। उनका कहना है कि 10 हजार में से सात सौ ऑटो ही स्टैंड से संचालित होते हैं। आंबेडकर चौक, विश्वविद्यालय चौक, धर्मशाला के पास सड़क पर ही स्टैंड बना दिए गए हैं। वहीं शास्त्री चौक के लिए भी जमीन खोजी जा रही है।
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जानकारी के मुताबिक, शहर में जाम से निपटने के लिए अतिक्रमण हटाने का अभियान चला। सभी जगहों से ठेले वाले और स्थायी निर्माण को हटा दिया गया तो सड़कें चौड़ी हो गईं। गाड़ियां भी रफ्तार भरने लगीं, लेकिन ऑटो वालों का चौराहे पर ही कब्जा दिखने लगा। पुलिस इसे अवैध कब्जा बताकर कार्रवाई कर रही है तो ऑटो एसोसिएशन के पदाधिकारी इसे गलत ठहरा रहे हैं।
दोनों के बीच के इसी विवाद की तह तक जाने की जब कोशिश की गई तो पता चला कि इस पूरे खेल के केंद्र में नगर निगम के कुछ जिम्मेदार खुद ही हैं। शहर के शास्त्री चौक के लिए गए स्टैंड को अगर छोड़ दें तो इसके अलावा तीन जगहों पर खुद नगर निगम ने ही सड़क पर स्टैंड बनाने की अनुमति दे दी है। इसके लिए बाकायदा निविदा की प्रक्रिया की गई और राजस्व में कुछ रकम जमाकर सड़क पर स्टैंड का ठेका दे दिया गया। ठेका की शर्तों में यह कहीं नहीं लिखा है कि किस स्टैंड से कितने ऑटो चलेंगे।
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आंबेडकर चौराहे पर सड़क पर ही ठेका
आंबेडकर चौक से कमिश्नर कार्यालय की तरफ बढ़ते ही बाईं साइड में विश्वविद्यालय कॉलोनी की दीवार से सटे पार्किंग के लिए निर्धारित किया गया है। यहां पर पंद्रह फीट की जगह है, जिसे स्टैंड बनाया गया है। अब वहां पर आगे-पीछे करके स्टैंड लगेंगे तो फिर चलने के लिए जगह बच रही महज सात फीट की।
दूसरे अगर आप हरिओम नगर तिराहे की ओर से आते हैं और आंबेडकर चौक से बाईं लेन से निकलकर कमिश्नर कार्यालय जाना चाहें तो ऑटो आपका रास्ता रोक देंगे। इस लेन पर रुकते ही इसका असर सभी लेन पर पड़ना तय है। यानी समस्या का समाधान करने की जगह लाइसेंस देकर स्थायी समस्या पैदा कर दी गई।
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विश्वविद्यालय चौक : सड़क पर दी गई ऑटो खड़ा करने की छूट
कुलसचिव आवास के पास नगर निगम की अपनी जगह खाली पड़ी है। यहां से पहले प्राइवेट बसों का संचालन होता था। उसे एडीजी और कमिश्नर ने पहल करके शहर के बाहर करा दिया और इसी जगह पर ऑटो स्टैंड के लिए चिह्नित किया गया। लेकिन, नगर निगम ने चौराहे से दूरी पर खाली पड़ी इस जगह में ऑटो स्टैंड न बनाकर सड़क किनारे स्थित गणेश प्रतिमा के सामने जगह निर्धारित कर दिया है। यानी मोहद्दीपुर से आते समय आप विश्वविद्यालय की तरफ जाएंगे तो आप के रास्ते में ऑटो होगा। दूसरे यहां पर ऑटो लगने के बाद चलने के लिए जगह महज आठ फीट सड़क बचती है। यानी इस चौराहे पर भी जाम को स्थायी रूप से करने की व्यवस्था बना दी गई है।
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धर्मशाला रेलवे पुलिया के पास ही स्टैंड का ठेका
धर्मशाला रेलवे पुलिया से आगे खाली पड़ी जमीन को स्टैंड के लिए चिह्नित किया गया था। रेलवे और यातायात पुलिस के बीच इसके लिए पत्राचार भी हुआ था, लेकिन इसी बीच जो नया ठेका दिया गया है, वह फिर से रेलवे पुलिया के पास ही कर दिया गया है। जिस वजह से लोगों को जाम से मुक्ति दिलाने की कोशिश यहां पर भी धड़ाम ही नजर आ रही है। ये सब इतने सलीके से किया गया है कि किसी को भनक तक नहीं लगी है। अब इस जगह से पुलिस जब भी ऑटो वालों को हटाती है तो वे आपत्ति करते हैं। पुलिस डंडे के बल पर हटा तो जरूर देती है, लेकिन पर्ची के दम पर वह फिर से वहीं पर काबिज हो जाते हैं।
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