गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को कई ट्रेनों के आने से यात्रियों को संभालने में रेलवे स्टाफ और जीआरपी, आरपीएफ को खासी मशक्कत करनी पड़ी। एक के बाद एक करके कई ट्रेनों के आने से भीड़ बढ़ गई। रेलवे प्रशासन ने भीड़ को बढ़ता देख प्लेटफॉर्म दो पर भी ट्रेनों को लगवाया और यात्रियों को उतार कर लाइन में लगवा दिया।
Lockdown 3.0: 12590 यात्रियों को लेकर गोरखपुर पहुंची दस श्रमिक स्पेशल ट्रेन, प्रशासन के छूटे पसीने
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हालांकि थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था कैब-वे पर ही होने से यात्रियों को लंबी दूरी चलकर आना पड़ा। देर रात तक दस ट्रेनों से 12590 यात्री और उनके घरवाले पहुंचे। वहीं बस्ती से लेकर लखनऊ के बीच पांच ट्रेनें चल रहीं हैं। इन ट्रेनों के देर रात पहुंचने का संभावना है।
जीआरपी कंट्रोल रूम के मुताबिक, शुक्रवार को सुबह 6:30 बजे पहली ट्रेन नादेड़, महाराष्ट्र से पहुंची। इस ट्रेन में 1416 यात्री सवार थे। इसके बाद औरंगाबाद से सुबह 8:40 बजे 1546 यात्रियों को लेकर श्रमिक स्पेशल पहुंची। अमृतसर से सुबह 10:30 बजे 1235 यात्री, पुणे से दोपहर 12:30 बजे 937 यात्री, लिंगमपल्ली, तेलगांना से दोपहर ढाई बजे 1547 यात्री पहुंचे।
वहीं शाम सात बजे मिरज से 1235, रात आठ बजे पंजाब से 1344 यात्री आए। रात नौ बजे महराष्ट्र से 1235, सूरत से 1145 तथा जालंधर से 1050 यात्री स्टेशन पहुंचे। स्टेशन पर सभी यात्रियों को टीटीई, जीआरपी और आरपीएफ ने सर्किल में खड़ाकर थर्मल स्कैनिंग कराया। यात्रियों को तहसीलवार खड़ी बसों में बैठाकर भेजा गया। इस दौरान रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा आरपीएफ, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक सहित सुरक्षा बल व रेलवे कर्मचारी मौजूद थे।
बसों के न होने से हुई दिक्कत
रेलवे स्टेशन पर दो ट्रेनों आकर खड़ी हो गईं लेकिन यात्रियों को लेकर जाने के लिए बसें ही नहीं पहुंचीं। इसके बाद यात्रियों को डेढ़ घंटे तक ट्रेन में ही बैठाए रखा गया। जब बसें आईं तो यात्रियों को उतारा गया। खड़ी ट्रेनों में बैठे यात्री गर्मी से परेशान हो गए।