सांसद पंकज चौधरी का राजनीतिक सफर गोरखपुर नगर निगम से शुरू हुआ तो फिर आगे बढ़ता चला गया। उनकी किस्मत तब पल्टी जब उनके जीवन में भाग्यश्री आईं। पार्षद से लेकर डिप्टी मेयर पर कार्य का अनुभव लेकर वह 1990 में भाजपा कार्य समिति के सदस्य बने। इनका विवाह 11 जून 1990 को भाग्यश्री से हुआ तो इनकी तरक्की का द्वार अचानक खुल गया। वर्ष 1991 में रामलहर में महराजगंज से चुनाव जीतकर पहली बार सांसद बने। इसके बाद पीछे मुड़कर कभी नहीं देखे। हालांकि दो बार इनको हार का झटका भी लगा। लेकिन सरल स्वभाव, मृदुभाषी होने के कारण एक जनप्रिय नेता बनकर उभरे, इनकी कर्मठता की बदौलत इनको केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली है। महराजगंज जिले से छह बार चुनाव जीतकर लोकसभा की दहलीज पर पहुंचने वाले सांसद पंकज चौधरी बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल हुए। इसकी भनक लगते ही भाजपा कार्यकर्ताओं समेत क्षेत्र की जनता में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी खबर...
यूपी: भाग्यश्री बनी अर्धांगिनी तो बदल गई सांसद पंकज चौधरी की तकदीर, ऐसे मिला पीएम मोदी का साथ
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छठीं बार संसद में पहुंच कर उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष खुद को साबित कर दिया। ऐसे में उम्मीद के अनुसार पूर्वांचल के कद्दावर नेताओं में शुमार पंकज को केंद्रीय मंत्रीमंडल में भी जगह मिल गई।
भाजपा जिलाध्यक्ष परदेशी रविदास ने कहा कि यह जिले के लिए गौरव की बात है कि पहली बार कोई केंद्रीय मंत्री बना है। अब जिले का तेजी से विकास होगा। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता ही नहीं जिले की जनता में भी खुशी की लहर है। सिसवा विधान सभा के वरिष्ठ नेता अजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने तराई की जनता का सम्मान बढ़ाने के लिए सांसद पंकज चौधरी को केंद्रीय मंत्री बनाया है। यह अपार खुशी का बात है।
तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किया था मंत्री बनाने का वादा
बीते चुनाव के दौरान नौतनवां में आयोजित सभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने वादा भी किया था कि पंकज को जिताकर भेजिए। उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। इतने लंबे समय बाद आखिरकार अमित शाह ने अपना वादा पूरा कर दिया।
ऐसे बन गए छह बार सांसद
1991 से लेकर 2014 के चुनाव को देखें तो 1999 व 2009 में ही हार मिली है। इसमें भी 1999 के चुनाव में हार का अंतर मात्र 10,644 मतों का ही रहा। इसमें सपा के अखिलेश सिंह 2,39,826 मत पाकर सांसद चुने गए। वहीं पंकज 2,29,182 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहे। पंकज को 2009 में जोर का झटका लगा। कांग्रेस के हर्षवर्धन 3,54,074 मतों से विजयी हुए। लेकिन 2019 के 17वीं लोकसभा चुनाव में राजनीति के माहिर पंकज ने सभी आशंकाओं को खारिज करते हुए छठीं बार भी जीत हासिल कर रिकॉर्ड कायम कर लिया।
-पंकज चौधरी- सांसद
-पिता का नाम-स्वर्गीय भगवती प्रसाद चौधरी
-माता का नाम- उज्जवल चौधरी
-जन्म तिथि-20 नवंबर 1964, जन्म स्थान गोरखपुर
-पत्नी का नाम- भाग्यश्री
-विवाह की तिथि-11 जून 1990
अब तक इन पदों पर काम कर चुके हैं सांसद पंकज चौधरी...
1989-91 सदस्य, नगर निगम, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
1990-91 उप महापौर, नगर निगम, गोरखपुर।
1990- के बाद सदस्य, कार्य समिति, भारतीय जनता पार्टी।
1991- 10वीं लोकसभा के लिए चुने गए। (पहला कार्यकाल)।
1991-96 सदस्य, पटल पर रखे गए कागजात संबंधी समिति और सदस्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण और वन संबंधी समिति।
1996- 11वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित (दूसरा कार्यकाल)।
1998-12वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित (तीसरी अवधि)।
2004- 14वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित (चौथा कार्यकाल)।
2014- 16वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित (पांचवीं अवधि)।
2019- 17वीं लोकसभा के लिए फिर से निर्वाचित (छठा कार्यकाल)।