फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

झोपड़ी से शुरू होकर अब शहर की शान बन चुका है सेंट जॉन चर्च, 197 साल पुराना है इसका इतिहास

Mon, 08 Jun 2020 02:15 PM IST
vivek shukla अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर।
अविनाश श्रीवास्तव, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 08 Jun 2020 02:15 PM IST
विज्ञापन
special story of St. John's Church gorakhpur Church History 197 years old
सेंट जॉन चर्च। - फोटो : अमर उजाला।

झोपड़ी से शुरू होने वाला चर्च अब शहर की शान बन गया है। लोग इस चर्च के भव्यता के कारण इसे बड़े चर्च के नाम से पुकारते हैं। हम बात कर रहे हैं शहर के मेडिकल कॉलेज रोड के बशारतपुर मोहल्ले में स्थित सेंट जॉन चर्च की।

special story of St. John's Church gorakhpur Church History 197 years old
सेंट जॉन चर्च - फोटो : अमर उजाला।

इस चर्च को वर्ष 1823 में झोपड़ी में स्थापित किया गया था। बाद में चर्च खपरैल में स्थापित हो गया। लगभग दो दशक पूर्व यहां खूबसूरत दो मंजिल का प्रेयर हॉल और चर्च बना। वर्तमान में चर्च का खूबसूरत भवन एवं विभिन्न रंग एवं भिन्न भिन्न प्रकार के फूलों से युक्त परिसर यहां आने वालों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

special story of St. John's Church gorakhpur Church History 197 years old
सेंट जॉन चर्च - फोटो : अमर उजाला।

ये है चर्च का इतिहास
सेंट जॉन चर्च के पुरोहित रेव्ह रौशन लाल ने बताया कि इस चर्च का निर्माण मिशनरी एसोसिएशन के माइकल विलकिंसन ने कराया। तत्कालीन कलेक्टर राबर्ट मार्टिनस बर्ड ने इसके लिए आर्थिक सहायता दी। गवर्नर जनरल लार्ड विलियम वेंटिक ने मिशनरी एसोसिएशन के सामाजिक कार्यों को देखते हुए वर्ष 1931 में चर्च के निर्माण के लिए 1500 एकड़ जमीन इस शर्त पर दी कि जमीन को उपजाऊं बनाकर खेती की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
special story of St. John's Church gorakhpur Church History 197 years old
सेंट जॉन चर्च - फोटो : अमर उजाला।

पहले यहां विशाल जंगल हुआ करता था। मिशनरी एसोसिएशन और आसपास के लोगों ने करीब 600 एकड़ जमीन की साफ-सफाई कर इसे खेती योग्य बनाया। यहां पर स्थित पोखरे के चारों ओर समाज के लोगों ने झोपड़ी डाल ली और रहने लगे।

विज्ञापन
special story of St. John's Church gorakhpur Church History 197 years old
सेंट जॉन चर्च। - फोटो : अमर उजाला।

चर्च में लगा है 500 किलो का घंटा
मसीही सेवक वीपी अलेक्जेंडर ने बताया कि चर्च की भव्यता को और बढ़ाने के लिए छह वर्ष पूर्व यहां पांच सौ किलो का घंटा लगाया गया। इसका उपयोग चर्च में प्रार्थना व अन्य सूचनाओं को देने के साथ ही श्रद्धालुओं को आमंत्रित करने के लिए किया जाता है। इससे निकलने वाली आवाज करीब तीन किलोमीटर दूर तक सुनाई देती है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed