गोरखपुर से दिल्ली के बीच सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदेभारत चल सकती है। ट्रेन को चलाने में दो राज्यों की राजधानी को जोड़ने व न्यूनतम 130 किमी. प्रति घंटे की रफ्तार वाली राजधानी एक्सप्रेस जैसी अड़चन भी नहीं है। एनईआर के ट्रैक पर पहले से ही वाराणसी कैंट से वंदे भारत चलाई भी जा रही है।
खुशखबर: गोरखपुर से चल सकती है सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत, जानिए कितनी होगी रफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी के लिए चाहिए 130 की स्पीड
राजधानी एक्सप्रेस को चलाने के लिए न्यूनतम 130 किमी प्रति घंटे की स्पीड चाहिए। अभी गोरखपुर से लखनऊ तक रेलवे ट्रैक इसके लिए तैयार नहीं है। छपरा से बाराबंकी तक डबल डिस्टेंसिंग का काम चल रहा है। इसके पूरा होने और ट्रायल में दो वर्ष तक का समय लग सकता है। पूरे रूट पर चौरीचौरा, सरदारनगर व कुसम्ही स्टेशनों के बीच ही अभी कुछ काम हो पाया है।
नए कोच में बढ़ेंगी यात्री सुविधाएं
वंदे भारत के नए कोच में कई परिवर्तन किए जाएंगे। ट्रेन की रेक्लाइनिंग सीट को पुशबैक से लैस किया जाएगा। यानि, उसे आराम के हिसाब से आगे या पीछे किया जा सकेगा। सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से एक ही जगह से पूरी ट्रेन पर नजर रखी जा सकेगी।
बिजली गुल होने पर वेंटिलेशन और लाइटिंग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। हर कोच में बड़ी-बड़ी लाइटें होंगी। हर कोच में अब चार इमरजेंसी विंडो, बैक्टिरिया फ्री एयर कंडीशनिंग सिस्टम, चार इमरजेंसी पुश बटन होंगे। दरवाजे और खिड़कियों में फायर सर्वाइवल केबल का इस्तेमाल होगा, जिससे आग लगने की स्थिति में भी दरवाजा और खिड़कियां खोलना आसान होगा।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि वंदे भारत ट्रेन सेट के उत्पादन का कार्य तीव्र गति से चल रहा है, जिसे विभिन्न क्षेत्रीय रेलों को आवश्यकतानुसार दिया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य मार्ग छपरा- बाराबंकी की गति सीमा 130 किमी प्रति घंटा करने के लिए आवश्यक डबल डिस्टेंट सिग्नल लगाने का कार्य प्रगति पर है।