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Sawan 2021 Date: जानिए कब शुरू हो रहा है श्रावण मास, कैसे और कब पूजन करने से महादेव होंगे प्रसन्न

Wed, 21 Jul 2021 03:59 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 21 Jul 2021 03:59 PM IST
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Sawan 2021 starting Date and Importance Of sawan Somvar and Bilva Patra In Worship Of Shiva
Sawan 2021। - फोटो : Social media
देवों के देव महादेव के प्रिय श्रावण मास की शुरुआत 25 जुलाई रविवार से हो रही है। श्रावण मास का आरंभ श्रवण नक्षत्र से हो रहा है। इस दिन दोपहर बाद तीन बजकर 27 मिनट तक अयुष्यमान योग है। ये योग रोगों से छुटकारा दिलाने के साथ ही भक्तों को लंबी आयु प्रदान कराएगा। श्रावण मास का समापन 22 अगस्त को धनिष्ठा नक्षत्र में होगा। इसी दिन रक्षाबंधन का पर्व भी मनाया जाएगा।


मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास में सोमवार का विशेष महत्व है। सोमवार को भगवान शिव का स्वरूप माना गया है। श्रावण मास में भगवान आशुतोष की पूजा का विशेष महत्व है। जो भक्त प्रतिदिन नियमपूर्वक पूजा न कर सके, उन्हें श्रावण मास में शिव पूजा और व्रत रखना चाहिए। इस महीने मे जितने भी सोमवार होते हैं उन सबमें शिवजी का व्रत किया जाता है। श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिवालयों में पहुंचते हैं। ऐसे में शिवालयों में तैयारियां की जा रही है। कोरोना के कारण शासन के निर्देश पर पिछले साल सावन में शिवालय बंद थे, लेकिन इस बार अबतक शासन से मंदिर को खोलने एवं बंद करने को लेकर किसी तरह के निर्देश जारी नहीं होने के कारण मंदिर प्रबंधन सावन की तैयारियों में जुटा है।
Sawan 2021 starting Date and Importance Of sawan Somvar and Bilva Patra In Worship Of Shiva
महादेव की प्रतीकात्मक तस्वीर व पंडित शरद चंद्र मिश्र। - फोटो : अमर उजाला।
इस बार सावन में होंगे चार सोमवार
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार श्रावण मास में इस बार चार सोमवार पड़ेंगे।
पहला सोमवारः 26 जुलाई को श्रावण मास का पहला सोमवार है। इस दिन धन प्रदाता धनिष्ठा नक्षत्र, सौभाग्य के बाद शोभन योग, वरियानऔर महाशुभ नामक औदायिक योग है। इस दिन के व्रत से आर्थिक लाभ और दरिद्रता का शमन होगा।

दूसरा सोमवारः दो अगस्त को श्रावण मास का दूसरा सोमवार है। इस दिन कृतिका के बाद रोहिणी नक्षत्र, वृद्धि योग, गर करण और सुस्थिर नामक औदायिक योग है। चंद्रमा उच्चाभिलाषी है। इस दिन के व्रत से स्थिर लक्ष्मी की प्राप्ति एवं संतान पक्ष के अभ्युदय का योग मिलेगा।

तीसरा सोमवारः नौ अगस्त को श्रावण मास का तीसरा सोमवार है। इस दिन श्लेषा के बाद मघा नक्षत्र, वरियान योग, किंस्तुघ्न करण और औदायिक योग सौम्य का मान है। इस दिन के व्रत से पुण्य की अभिवृद्धि और पूर्वाजित पापों का क्षय होगा।

चौथा सोमवारः 16 अगस्त को श्रावण मास का तीसरा सोमवार है। इस दिन अनुराधा नक्षत्र, ब्रह्म योग, वरियान और मानस नाम का औदायिक योग है। इस दिन के व्रत से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होगा।
Sawan 2021 starting Date and Importance Of sawan Somvar and Bilva Patra In Worship Of Shiva
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय। - फोटो : अमर उजाला
श्रावण पूजा का महात्म्य
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार श्रावण में एक महीने तक शिवालयों में स्थापित, प्राणप्रतिष्ठित शिवलिंग या धातु से निर्मित लिंग का गंगाजल व दुग्ध से रूद्रभिषेक करें। यह शिव को अत्यंत प्रिय है। वहीं उत्तरवाहिनी गंगाजल, पंचामृत का अभिषेक भी महाफलदायी है। कुशोदक से व्याधि शांति, जल से वर्षा, दही से पशुधन, ईख के रस से लक्ष्मी, मधु से धन, दूध से एवं एक हजार मंत्रों सहित घी की धारा से भगवान शिव का अभिषेक पुत्र व यश वृद्धि होती है।
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Sawan 2021 starting Date and Importance Of sawan Somvar and Bilva Patra In Worship Of Shiva
पंडित बृजेश पांडेय। - फोटो : अमर उजाला
श्रावण मास के दिनों का महत्व
पंडित बृजेश पांडेय के अनुसार श्रावण में सोमवार सोमवारी व्रत रोटका भी कहलाता है। इसे सोम या चंद्रवार भी कहते हैं। यह दिन शिव को अत्यंत प्रिय है। मंगलवार को मंगलागौरी व्रत, बुधवार को बुध गणपति व्रत, बृहस्पतिवार को बृहस्पति व्रत, शुक्रवार को जीवंतिका देवी व्रत, शनिवार को बजरंगबली व नरसिंह व्रत और रविवार को सूर्य व्रत होता है।
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पंडित अरविंद गिरि। - फोटो : अमर उजाला।
श्रावण मास की तिथियों के देवता
पंडित अरविंद गिरि के अनुसार प्रतिपदा के स्वामी अग्नि, द्वितीया के ब्रह्मा, तृतीया के गौरी, चतुर्थी के गणनायक, पंचमी के सर्प, षष्ठी के स्कंद, सप्तमी के सूर्य, अष्टमी के शिव, नवमी के दुर्गा, दशमी के यम, एकादशी के स्वामी विश्वदेव, द्वादशी के भगवान श्रीहरि, त्रयोदशी के कामदेव, चतुर्दशी के शिव, अमावस्या के पितर और पूर्णिमा के स्वामी चंद्रमा हैं।
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