श्रावण मास सोमवार को प्रारंभ हो गया। श्रावण के पहले सोमवार को ही पूर्व की भांति न तो शिवमंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखी, न मेला लगा। प्रमुख शिवमंदिरों में भी गिने-चुने श्रद्धालु पहुंचे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पूजा की और परिवार की सुख-शांति की कामना की।
Sawan 2020: गोरखपुर-बस्ती मंडल में ऐसे हुई भगवान शिव की पूजा, बंदिशों के बीच हुआ जलाभिषेक
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महराजगंज के जिला मुख्यालय से लेकर इंडो नेपाल बॉर्डर से सटे पंचमुखी शिव धाम इटहिया तक यही नजारा देखने को मिला। सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कई शिवालयों पर श्रद्धालुओं की लाइनें लगी रही। पूरा दिन भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया। वहीं मंदिर के मुख्य गेट पर भक्तों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। इस दौरान उन्हें आपसी दूरी का पालन करते हुए ही गर्भगृह में प्रवेश कर जलाभिषेक करने की इजाजत दी गई।
वहीं कुशीनगर में श्रावण मास के पहले सोमवार को कुबेरस्थान के प्राचीन शिवमंदिर परिसर में इस बार न तो मेला लगा और न ही जलाभिषेक के लिए भीड़ जुटी। इसी तरह लमुहा शिवमंदिर, करहिया शिवमंदिर, छावनी के महादेव मंदिर और प्राचीन भन्नुनाथ शिवमंदिर, सिद्धनाथ मंदिर, बुढ़िया माई मंदिर परिसर में स्थित शिवमंदिर व खिरकिया मंदिर स्थित शिवमंदिर सहित सभी शिवालयों में जलाभिषेक के लिए शिवभक्त काफी कम संख्या में पहुंचे। सभी ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए जलाभिषेक किया।
देवरिया के सोमनाथ मंदिर, सिद्धेश्वरनाथ मंदिर हाइडिल कालोनी भटवलिया, न्यू कालोनी के सिद्धेश्वरनाथ नाथ मंदिर, कचहरी चौराहे के ओंकारेश्वर पंचदेव शिव मंदिर सहित अन्य शिवालयों में सुबह से ही पूजन अर्चन के लिए श्रद्धालुजन आए रहे। यहां के बड़े मंदिरों में कुछ जगहों पर पुलिस की देखरेख में सोशल डिस्टेसिंग नियमों का पालन करते हुए दर्शन पूजन करने दिया गया।