न्याय के देवता और सूर्य पुत्र शनि को कर्मफल दाता कहा जाता है। शनि की कृपा हो तो व्यक्ति के सभी बिगड़े काम बनने लगते हैं और उसे हर काम में सफलता मिलती है। वहीं अगर शनि की बुरी दृष्टि पड़ जाए तो व्यक्ति बने बनाए काम भी बिगड़ने लगते हैं। आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी जानकारी...
बता दें कि शनिदेव साल 2021 में राशि परिवर्तन नहीं करेंगे। शनिदेव मकर राशि में ही पूरे साल विराजमान रहेंगे। शनि का कार्यक्रम ढाई साल का होता है ऐसे में 18 जनवरी 2023 तक शनि मकर राशि में ही स्वग्रही रहेंगे। लेकिन साल 2021 में शनि का नक्षत्र परिवर्तन होगा। 22 जनवरी को शनिदेव श्रवण नक्षत्र में प्रवेश करेंगे।
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शनि
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ज्योतिषाचार्य पंडित बृजेश पांडेय के अनुसार शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है। ज्योतिष में हर व्यक्ति को एक न एक बार शनि के न्याय चक्र का सामना करना ही पड़ता है। कई लोग शनि की महादशा, साढ़ेसाती और ढैय्या से परेशान होते हैं। शनि की साढ़ेसाती साढ़े सात वर्ष चलती है। वहीं, ढैय्या ढाई वर्ष तक चलती है।
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शनि मंदिर
- फोटो : अमर उजाला।
इन राशि वालों पर रहेगी शनि की साढ़ेसाती
वर्ष 2021 में धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती रहेगी। ऐसे में सावधानी के तौर पर मंगलवार और शनिवार को शनि के उपाय किए जा सकते हैं।
शनि की ढैय्या
मिथुन और तुला राशि पर वर्ष 2021 में शनि की ढैय्या रहेगी। ऐसे में इसके प्रभाव को कम करने के लिए शनि के मंत्रों का जाप किया जा सकता है।