कोरोना संक्रमण काल में रोडवेज की बसों में बिना मास्क सफर करने पर रोक है। साथ ही चालक और परिचालक बसों का संचालन करते समय बिना मास्क लगाए मिलते हैं तो उन पर जुर्माने का प्रावधान है। जांच में लगातार तीन बार बिना मास्क बसों का संचालन करने वाले चालक और परिचालक की संविदा समाप्त करने एवं नियमित चालकों और परिचालकों पर विभागीय कार्रवाई करने का निर्देश प्रधान प्रबंधक की ओर से है। लेकिन विभाग में एक भी नियम का पालन होता नहीं दिखाई दे रहा है।
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बिना मास्क यात्रा कर रहे लोग।
- फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश को गोरखपुर जिले में शनिवार को अमर उजाला संवाददाता ने जब रेलवे और कचहरी बस स्टेशन पर पड़ताल की तो रोडवेज के चालकों और परिचालकों में न तो कोरोना का भय दिखा और न ही अधिकारियों का। लगभग 40 बसों की पड़ताल में एक भी चालक और परिचालक बस के संचालन के दौरान मास्क लगाए नहीं मिले। यात्री भी बसों में बिना मास्क लगाए यात्रा करते नजार आए।
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अनलॉक वन में कराया जा रहा था गाइडलाइन का पालन। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
अनलॉक वन में जब रोडवेज बसों का संचालन शुरू हुआ तो तमाम तरह की गाइडलाइन परिवहन निगम की ओर से जारी हुई। जिसमें मास्क लगाना, यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन के बाद बसों में प्रवेश आदि शामिल थे। शुरू में तो गाइडलाइन का पालन परिवहन निगम के जिम्मेदारों ने कराया, लेकिन अब ये चीजें बदल गई हैं। किसी भी गाइडलाइन का पालन रोडवेज की बसों में नहीं कराया जा रहा है। न ही यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग हो रही है, न ही उनके हाथ सैनिटाइज कराए जा रहे हैं।
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बिना मास्क बस का संचालन करता चालक।
- फोटो : अमर उजाला।
बिना मास्क यात्री बसों में यात्रा कर रहे हैं। यात्री तो यात्री गाइडलाइन का पालन कराने वाले चालक और परिचालन भी मास्क लगाने से परहेज कर रहे हैं। जानकारों का दावा है कि ठंड के मौसम में एक बार फिर कोरोना अपने पांव पसार सकता है। ऐसे में परिवहन निगम की अनदेखी लोगों पर भारी पड़ सकती है।
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गोरखपुर बस स्टेशन।
- फोटो : अमर उजाला।
आरएम पीके तिवारी ने बताया कि कोविड गाइडलाइन का पालन कराया जा रहा है। जांच में अब तक बिना मास्क बसों का संचालन कर रहे 100 से अधिक चालकों और परिचालकों पर कार्रवाई की गई है। आगे और सख्ती से कोविड गाइडलाइन का पालन कराया जाएगा।