कोरोना वायरस से बचाव को लेकर हम अभी संजीदा नहीं हुए तो मुश्किलें फिर बढ़ सकती हैं। लॉकडाउन का दौर वापस लौट सकता है। ऐसे में बेहतर यही है कि समय रहते जागरूक हो जाएं। मास्क, दो गज की दूरी समेत बचाव संबंधी अन्य सावधानियों का पालन शुरू कर दें। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग तो अपनी तरफ से तमाम उपाय अपना रहा है लेकिन यह नाकाफी साबित होगा, जब तक हम साथ नहीं देंगे।
तस्वीरें: मास्क-दो गज की दूरी, उपेक्षा की तो लॉकडाउन फिर बनेगा मजबूरी
होली पर प्रशासन सतर्क
पिछले साल 22 मार्च को लगे जनता कर्फ्यू के ठीक सात दिन पहले जिला प्रशासन ने कोरोना को लेकर एक बार फिर एहतियातन अलर्ट घोषित किया है। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने सोमवार को पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक और गोरखपुर एयरपोर्ट के निदेशक को पत्र लिखकर दिल्ली- महाराष्ट्र से ट्रेन व प्लेन से गोरखपुर आने वाले यात्रियों की रोजाना जानकारी मुहैया कराने को कहा है। प्रशासन, स्वास्थ्य महकमे की मदद से इन सभी यात्रियों के घर टीम भेजकर कोविड जांच कराएगा और संक्रमित पाए जाने पर, उन्हें घर पर ही क्वारंटीन या फिर अस्पताल में भर्ती कराएगा।
गोरखपुर में अभी डरने-डराने जैसे हालात नहीं हैं, मगर दिल्ली-मुंबई में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बरतने का निर्णय लिया है। होली के त्यौहार पर बड़ी संख्या में लोग दिल्ली, मुंबई और पंजाब आदि प्रांतों से अपने घर लौटते हैं। ऐसे में यहां भी संक्रमण बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। यही वजह है कि प्रशासन ने रेलवे और एयरपोर्ट प्रबंधन से सहयोग मांगा है। प्रशासन का कहना है कि दिल्ली एवं मुंबई से प्रतिदिन आने वाले यात्रियों की रेलवे स्टेशन पर प्रभावी तरीके से जांच नहीं हो रही है। प्रतिदिन यात्रियों का नाम, पता एवं मोबाइल नंबर मिल जाने के बाद उसे संबंधित तहसीलों को उपलब्ध करा दिया जाएगा। वहां से स्वास्थ्य विभाग की टीम नंबर पर संपर्क कर संबंधित यात्री के घर पहुंचेगी और उनकी जांच करेगी। यात्री के साथ ही संपर्क में आए लोगों की भी जांच की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग को भी रोज देनी होगी सूचना
डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिया है कि रोजाना जांच के लिए टीम गठित कर लें। रेलवे, एयरपोर्ट से मिलने वाली सूचनाओं के आधार तहसील प्रशासन की मदद से टीम संबंधित यात्री के गांव-घर जाकर उनकी जांच करें। रोजाना कितने लोगों की सूचना मिली और कितनों की जांच हुई। उनमें से कितने संक्रमित मिले और कितने सही, इसकी पूरी जानकारी हर दिन शाम चार बजे तक डीएम कार्यालय को उपलब्ध कराना होगा।
निगरानी समितियां भी की जाएंगी सक्रिय
डीएम ने सीडीओ को निर्देश दिया कि गांव स्तर पर गठित निगरानी समितियों को भी एक बार फिर सक्रिय किया कर दिया जाए। वे पता लगाएं कि ट्रेन और प्लेन के अलावा बसों आदि से भी कौन-कौन दिल्ली, मुंबई से गांव आ रहा है। इनमें से किसी की तबियत तो नहीं खराब है। समितियां इसकी सूचना, तहसील प्रशासन को दें, ताकि चिकित्सकों की टीम भेजकर संबंधित व्यक्ति की जांच कराई जा सके।
रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट की निगरानी करेंगे सिटी मजिस्ट्रेट
रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट पर कोविड नियमों का पालन और जांच आदि के लिए कैंप ठीक से संचालित हो रहे हैं या नहीं, इसकी निगरानी की जिम्मेदारी सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है। डीएम ने निर्देश दिया है कि नियमित तौर पर निरीक्षण किया जाए। सिटी मजिस्ट्रेट इसकी रिपोर्ट डीएम कार्यालय और एडीएम सिटी को देंगे।
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट लेंगे यात्रियों की सूची
डीएम ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को रेलवे स्टेशन व एयरपोर्ट प्रबंधन से सूची हासिल कर उसे तहसीलवार अलग-अलग कराने और फिर उसे संबंधित तहसील को उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि व्यवस्थित तरीके से सभी यात्रियों की कोविड जांच कराई जा सके।