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कोरोना मरीजों के लिए बेकार साबित हुई ये दवाएं, वैज्ञानिकों ने कहा- 'इससे लाभ नहीं'

Thu, 05 Nov 2020 09:05 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 05 Nov 2020 09:05 AM IST
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Research by ICMR and WHO found four medicine and injection not effective in treatment for corona
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

कोरोना संक्रमितों के इलाज में चार दवाएं व इंजेक्शन कारगर नहीं मिले हैं। यह तथ्य इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) के शोध में सामने आया है। अब आईसीएमआर के विज्ञानियों ने लोगों को आगाह किया है कि इन दवाओं का इस्तेमाल न करें। इन दवाओं में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन, इंटरफेरॉन, रेमडेसिविर और रिटोम्यून शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज से लेकर निजी अस्पतालों में इन चारों दवाओं का इस्तेमाल कोरोना संक्रमितों पर खूब किया गया है।

Research by ICMR and WHO found four medicine and injection not effective in treatment for corona
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

सबसे अधिक रेमडेसिविर इंजेक्शन का उपयोग हुआ। एक-एक मरीज को इंजेक्शन के छह डोज लगाए गए। इसके अलावा शुरुआती चरण में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का भी इस्तेमाल लोगों ने खूब किया। इस दवा की कालाबाजारी को रोकने के लिए शासन को निर्देश तक जारी करने पड़े थे। इंटरफेरॉन की भी डिमांड खूब रही। लेकिन, आईसीएमआर और डब्ल्यूएचओ के शोध में सामने आया है कि ये चारों दवाएं कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए कारगर नहीं है। आईसीएमआर के प्लानिंग कोर्डिनेटर डॉ. रजनीकांत ने बताया कि हाल ही में चारों दवाओं पर शोध किया गया है। शोध में यह बात सामने आई कि वायरस के प्रभाव को रोक पाने में ये दवाएं ज्यादा कारगर नहीं साबित हुई हैं। 

Research by ICMR and WHO found four medicine and injection not effective in treatment for corona
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : iStock

मरीजों को दवाएं इस्तेमाल न करने की सलाह
डॉ. रजनीकांत ने बताया कि इन चारों दवाओं पर शोध अमेरिका, यूरोप और भारत में हुए हैं, लेकिन इसका असर मरीजों पर न के बराबर रहा है। इसलिए मरीजों को यह सलाह दी जा रही है कि अब इन दवाओं का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती है, तब तक मास्क ही सबसे बड़ी दवा है।

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Research by ICMR and WHO found four medicine and injection not effective in treatment for corona
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
12 हजार से अधिक इंजेक्शन बिक चुके हैं
दवा विक्रेता समिति के महामंत्री आलोक चौरसिया ने बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की भारी मांग को देखते हुए ही समिति ने पहल कर एमआरपी से कम मूल्य में इसे उपलब्ध कराया था। जिले में अब तक करीब 12 हजार से अधिक रेमडेसिविर इंजेक्शन बिक चुके हैं।
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Research by ICMR and WHO found four medicine and injection not effective in treatment for corona
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
कोर कमेटी को भेजी गई रिपोर्ट
आईसीएमआर के प्लानिंग कोआर्डिनेटर डॉ. रजनीकांत ने बताया कि चार दवाएं संक्रमितों के इलाज में कारगर नहीं मिली हैं। आईसीएमआर की कोर कमेटी को रिपोर्ट भेजी गई है। कमेटी दवाओं के प्रयोग को लेकर गाइडलाइन तैयार कर रही है।
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