नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में शहर में बवाल करने वाले सभी आठ उपद्रवियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने आरसी जारी करने के साथ ही अब उसकी वसूली की भी तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, कोरोना संकट की वजह से वसूली की प्रक्रिया थोड़ी सुस्त हो गई, मगर अब इसमें तेजी लाई जाएगी।
सीएए के विरोध में जमकर की थी पत्थरबाजी, आरसी जारी कर वसूली की तैयारी
सीएए के खिलाफ 20 दिसंबर 2019 को नखास एवं उसके आस-पास हुए उपद्रव के दौरान सरकारी और गैर सरकारी संपत्ति के नुकसान का आकलन करने के लिए डीएम ने एडीएम (फाइनेंस) के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की थी। कमेटी ने 90 हजार रुपये के नुकसान का आकलन किया था। इसमें 49500 रुपये की सार्वजनिक संपत्ति और 40500 की निजी संपत्ति का नुकसान शामिल है।
साक्ष्यों समेत पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर क्षति की वसूली के लिए एडीएम (सिटी) ने आठ उपद्रवियों को नोटिस दिया था। मौके पर किसी उपद्रवी के नहीं मिलने पर सभी के घरों पर नोटिस चस्पा किया गया था। प्रत्येक से 11250 रुपये की वसूली होनी है। नोटिस के बाद कोतवाली थाना क्षेत्र के खूनीपुर निवासी जैद पुत्र इरशाद की ही तरफ से जवाब दाखिल किया गया था, मगर उसकी दलीलों से प्रशासन संतुष्ट नहीं हुआ। वहीं बाकी घर छोड़ फरार हो गए। तय समय के भीतर जवाब नहीं आने पर प्रशासन ने आरसी जारी करने की कार्रवाई की।
बेनीगंज कोतवाली निवासी शादाब खां पुत्र झीनक, रहमत नगर राजघाट के अर्सियान अंसारी पुत्र इसराज, खूनीपुर कोतवाली के जैद पुत्र इरशाद, वहीं के सहबाज पुत्र फैयाज, पहाड़पुर राजघाट के इमरान पुत्र जग्गन, मियां बाजार कोतवाली के अकीब पुत्र अख्तर, खूनीपुर कोतवाली के सलमान पुत्र अब्दुल आदि।
एडीएम सिटी राकेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि उपद्रव में हुई सरकारी एवं गैर सरकारी संपत्ति के नुकसान की भरपाई के लिए सभी के घर नोटिस चस्पा करा दिया गया था। सुनवाई में किसी की दलील संतोषजनक नहीं मिली। सभी के खिलाफ आरसी जारी कर दी गई है। जल्द ही वसूली भी हो जाएगी।
जुलाई में पुलिस ने 32 के खिलाफ दाखिल की थी चार्जशीट
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ बवाल करने वालों के खिलाफ जुलाई 2020 में कोतवाली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी। पुलिस ने 32 लोगों के खिलाफ चार्जशीट तैयार किया था, जिसे घटना के छह महीने बाद दाखिल किया गया था। जानकारी के मुताबिक, दिसंबर 2019 के दूसरे सप्ताह से गोरखपुर में सीएए को लेकर तनाव शुरू हो गया था। 22 दिसंबर को जुमा के दिन बवाल काफी बढ़ गया था।