उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में घाघरा नदी का जलस्तर बुधवार की शाम खतरे के निशान से 77 सेंटीमीटर ऊपर था। इसके चलते घाघरा के तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। हालांकि सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता का कहना है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। विभाग के साथ ही पूरा सरकारी अमला सतत निगरानी कर रहा है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
जब सभी नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे आ गई हैं, ऐसे में घाघरा के जलस्तर में लगातार वृद्धि चिंताजनक है। सभी नदियों का जलस्तर एकदम कम हो गया है। उसके बाद भी 76 गांव बाढ़ प्रभावित हैं जबकि 36 गांव अब भी मैरुंड हैं।
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गोरखपुर में बाढ़।
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जब सभी नदियां ऊफनाई थीं तब 121 गांव बाढ़ प्रभावित थे तथा 45 गांव मैरुंड थे। एक घाघरा के वजह से इतनी तबाही आज भी है। इसका मुख्य कारण सरजू बैराज, गिरिजा बैराज एवं शारदा बैराज का पानी घाघरा में आने से है।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड 2 रुपेश कुमार खरे ने बताया कि नेपाल में बारिश हो रही है। तीन बैराज का पानी भी घाघरा में आ रहा है। बहराइच क्षेत्र में बारिश का पानी भी घाघरा में आ रहा है। कुआनो का पानी नीचे जाने के कारण सभी रेग्युलेटर खोल दिए गए हैं। इसका पानी भी घाघरा में जा रहा है। इस वजह से नदी में पानी अधिक हो गया है। यह क्रम अभी दो दिन तक और चलेगा।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
नदियां का जलस्तर
- घाघरा नदी अयोध्या में सुबह- शाम 93.500 मीटर
- राप्ती नदी बर्डघाट शाम को 73.990 मीटर
- कुआनों चंद्रदीप घाट शाम को 76.930 मीटर
- रोहिन तिनमुहानी घाट शाम को 79.610 मीटर
- गोर्रा पिड़रा घाट शाम को 69.900 मीटर