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सीएम योगी का पांच पीढ़ियों से है राममंदिर से नाता, जानिए इस आंदोलन में गोरक्षपीठ की भूमिका
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 04 Aug 2020 10:09 AM IST
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योगी आदित्यनाथ। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के अयोध्या में पांच अगस्त को राममंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन होने वाला है। ऐसे में मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। सीएम योगी व गोरक्षपीठ के संघर्षों का यह फल है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण होने जा रहा है। इससे पहले गुरु महंत अवैद्यनाथ, उनके गुरु महंत दिग्विजयनाथ और उनके पहले गुरु ब्रह्मनाथ, योगीराज बाबा गंभीरनाथ और महंत गोपालनाथ के समय से अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि की मुक्ति के लिए संघर्ष चला आ रहा था।
1935 में गोरक्षपीठाधीश्वर बने महंत दिग्विजयनाथ के समय में ही मठ दक्षिणपंथी राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया था। इसके साथ ही वह मंदिर आंदोलन के अगुआ बन गए। 1937 में हिंदू महासभा में शामिल होने के बाद उन्होंने हिंदू समाज को तेजी से राममंदिर के लिए एकजुट करना शुरू किया। उसी समय से अखिल भारतीय राम राज्य परिषद के बैनर तले राममंदिर आंदोलन तेज होने लगा।
गौरतलब है कि 22-23 दिसंबर 1949 की रात विवादित ढांचे में रामलला के प्राक्टय के समय महंत दिग्विजयनाथ वहां मौजूद थे। उनके नेतृत्व में वहां कीर्तन-भजन शुरू हुआ था। महंत दिग्विजयनाथ अपने जीवन की अंतिम सांस तक रामजन्मभूमि मुक्ति के लिए संघर्ष करते रहे। उनके बाद महंत अवैद्यनाथ ने इस काम को आगे बढ़ाया।
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महंत अवैद्यनाथ की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरक्षपीठाधीश्वर बनते ही उन्होंने एलान कर दिया कि राम जन्मभूमि की मुक्ति तक चैन से नहीं बैठेंगे। इसके लिए उन्होंने हिंदू समाज के संगठन पर अपना ध्यान केंद्रित किया। 1980 में महंत अवैद्यनाथ ने राजनीति से संन्यास ले लिया था लेकिन मंदिर निर्माण को लेकर उनका संघर्ष चलता रहा।
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योगी आदित्यनाथ के साथ महंत अवैद्यनाथ। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
1996 में गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ ने योगी आदित्यनाथ को अपना उत्ताधिकारी बनाया। 1997-98 में रामंदिर आंदोलन धीरे-धीरे राजनीतिक परिदृश्य से हटने लगा था। दस दौरान तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ ने पूर्वी यूपी में विश्व हिंदू महासम्मेलन और विराट हिंदू संगम कराकर इसे फिर से जीवंत कर दिया था। विहिप नेता अशोक सिंघल ने योगी आदित्यनाथ को पूरा समर्थन किया। योगी सड़क से संसद तक राममंदिर आंदोलन की प्रमुख आवाज बन गए।
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