गोरखपुर में वातावरण में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए अब गोरखपुर में पानी का छिड़काव शुरू हो गया है। नगर निगम की ओर से गोलघर समेत शहर के विभिन्न बाजारों में पानी का छिड़काव कराया गया। हालांकि इसके बाद भी हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं आया।
Air Pollution: गोरखपुर के लिए चिंता का विषय बना प्रदूषण, जानिए कितना है एयर क्वालिटी इंडेक्स
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दीवाली के बाद हवा की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है। एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के ऊपर रह रहा है। स्थिति यह है कि एनसीआर के बाद उत्तरप्रदेश में सबसे ज्यादा प्रदूषित हवा गोरखपुर की दर्ज हो रही है। शुक्रवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 309 दर्ज किया गया। जबकि गाजियाबाद का 377, ग्रेटर नोएडा का 382, गुरुग्राम का 324, दिल्ली का 380, लखनऊ का 255, वाराणसी का 255, आगरा का 295, कानपुर का 277 और प्रयागराज का 250 दर्ज किया गया।
सड़क किनारे फैली हुई धूल, उठाने का नहीं कोई इंतजाम
गोरखपुर शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। इसमें धूलकण की बहुत बड़ी भूमिका है। इसके बावजूद संबंधित विभागों के द्वारा सड़क किनारे फैली धूल को उठाने का कोई इंतजाम नहीं है। शास्त्री चौक से लेकर जिला अस्पताल तक सड़क किनारे इंटरलॉकिंग ईंट लगाने के लिए की गई खुदाई के बाद की मिट्टी को यूं ही सड़क पर कई दिनों से छोड़ा हुआ है, जिसकी वजह से यहां धूल का गुबार उठता रहता है। न तो यहां पानी का छिड़काव किया जा रहा है और न ही इसे उठाने का कोई इंतजाम।
नगर निगम ने कराया पानी का छिड़काव
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वेबसाइट पर लगातार गोरखपुर की एयर क्वालिटी इंडेक्स खराब रहने की वजह से निर्माण कार्य कराने वाले विभागों को निर्माण कार्य स्थल पर पानी का छिड़काव किया गया। पिछले कई दिनों सें वायु प्रदूषण का स्तर मानक सीमा से अधिक स्थिति में आने से नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, विशेषकर सांस के रोगियों के लिए यह स्थिति काफी खराब है।