भगवान बुद्ध की धरती से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वांचल व यूपी के ब्राह्मण मतदाताओं को साध गए हैं। बीएसए ग्राउंड से प्रधानमंत्री ने जनसंघ के प्रचारक, सांसद व विधायक रहे, माधव प्रसाद त्रिपाठी को कर्मयोगी बताया और कहा कि उनके नाम पर सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज का नाम रखना सच्ची श्रद्धांजलि है। इस काम के लिए प्रधानमंत्री ने यूपी के मुख्यमंत्री व उनकी पूरी टीम की पीठ भी थपथपाई और कहा कि माधव बाबू जनसेवा के लिए हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।
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सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज का नाम माधव प्रसाद त्रिपाठी के नाम पर रखा, प्रधानमंत्री ने माधव बाबू का नाम कई बार लिया और उन्हें कर्मयोगी बताया।
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जनसभा में प्रधानमंत्री करीब 28 मिनट तक बोले और कई बार माधव प्रसाद त्रिपाठी का नाम लिया। प्रधानमंत्री ने कहा माधव बाबू ने समाज को बहुत कुछ दिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलने के बाद वह पूर्वांचल व यूपी के विकास की बात करते रहे। अब उनके नाम पर मेडिकल कॉलेज बना है। जो युवा एमबीबीएस की पढ़ाई करने आएंगे, वह चिकित्सा व स्वास्थ्य के साथ ही माधव बाबू की जनसेवा से प्रेरणा लेंगे। जब पढ़ाई पूरी करके निकलेंगे तो सच्ची जनसेवा करेंगे। राजनीति के जानकार प्रधानमंत्री के संबोधन को ब्राह्मणों को रिझाने से जोड़कर देख रहे हैं। आपको बताएं, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26 दिसंबर 2018 को किया था। अब प्रधानमंत्री ने लोकार्पण किया है।
जानें कौन हैं माधव बाबू
माधव प्रसाद त्रिपाठी उत्तर प्रदेश भाजपा के पहले अध्यक्ष थे। 1958-62 तक उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य थे। इसके बाद भारतीय जनसंघ के टिकट पर 1962-66 और 1969-77 तक विधायक बने थे। विधानसभा में विपक्ष के नेता चुने गए। 1977 डुमरियागंज से लोकसभा का चुनाव लड़े और जीतकर दिल्ली पहुंच गए। माधव प्रसाद त्रिपाठी जनसंघ के पूर्णकालिक प्रचारक रहे थे। उत्तर प्रदेश हाउसिंग डेवलपमेंट काउंसिल के अध्यक्ष व कई कमेटियों के सदस्य रहे हैं।
अनूसूचित जाति के मतदाताओं को भी सहेजा
भगवान बुद्ध की धरती से प्रधानमंत्री ने अनुसूचित जाति के मतदाताओं को भी सहेजा है। पांच दिन में दूसरी बार (20 अक्तूबर को कुशीनगर, अब सिद्धार्थनगर) बुद्ध की धरती पर आए प्रधानमंत्री ने स्वस्थ व निरोग रहने का मंत्र दिया और कहा कि भारत का हर सपना साकार होगा। आरोग्य का नया सवेरा आएगा।
धार्मिक व सांस्कृतिक एजेंडे को भी धार
विकास के बहाने ही मोदी-योगी सरकार ने धार्मिक, सांस्कृतिक एजेंडे को भी धार दी है। इसका जिक्र भी प्रधानमंत्री ने मंच से किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आस्था व अध्यात्म की विरासत समृद्ध है। देवरिया मेडिकल कॉलेज का नाम महर्षि देवरहा बाबा, गाजीपुर मेडिकल कॉलेज का नाम महर्षि विश्वामित्र, मीरजापुर मेडिकल कॉलेज का नामकरण मां विंध्यवासिनी के नाम पर किया गया है।
सामाजिक व जातीय समीकरण भी साधा
मोदी-योगी की जोड़ी ने मेडिकल कॉलेजों के लोकार्पण के बहाने सामाजिक व जातीय समीकरण भी साधा है। प्रतापगढ़ मेडिकल कॉलेज का नाम डॉ सोनेलाल पटेल के नाम पर रखा गया है। डॉ सोनेलाल की अति पिछड़ा समाज में अच्छी पकड़ थी। उनकी बेटी व अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल केंद्रीय मंत्री भी हैं। इसी तरह एटा मेडिकल कॉलेज का नाम वीरांगना अवंतीबाई लोधी रखा गया है। अवंतीबाई का अनुसरण भी अति पिछड़ा समाज करता है। जौनपुर मेडिकल कॉलेज का नाम पूर्व मंत्री उमानाथ सिंह, फतेहपुर मेडिकल कॉलेज अमर शहीद जोधा सिंह अटैया ठाकुर दरियांव सिंह के नाम पर भी रखा गया है। सबकी अपने-अपने समाज के लोगों के दिलों में गहरी छाप है।
मुख्यमंत्री को बताया कर्मयोगी
कुशीनगर की तरह ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा के मंच से यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुले कंठ से प्रशंसा की और उन्हें कर्मयोगी भी बताया। 28 मिनट के संबोधन में कई बार योगी सरकार का जिक्र किया। दरअसल, पूर्वांचल में गोरक्षपीठाधीश्वर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अच्छी पैठ है। यह प्रधानमंत्री भी समझते हैं।