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एक्सक्लूसिव : यूपी के इस जिले में भरपूर है ऑक्सीजन गैस, जरूरत पड़ने पर अन्य जगहों पर भी की जा रही आपूर्ति
Mon, 19 Apr 2021 02:18 PM IST
vivek shukla
राजीव रंजन, गोरखपुर।
राजीव रंजन, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 19 Apr 2021 02:18 PM IST
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ऑक्सीजन सिलिंडर (फाइल फोटो)।
- फोटो : सोशल मीडिया
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भले ही गोरखपुर में कोरोना वायरस के संक्रमितों और गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन राहत की बात यह है कि जिले में ऑक्सीजन गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बल्कि जरूरत पड़ने पर प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसकी आपूर्ति की जा रही है। इस बार कोरोना वायरस का संक्रमण पिछली बार की तुलना में ज्यादा घातक है। साथ ही इस बार गंभीर रूप से बीमार मरीजों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। लखनऊ, फैजाबाद आदि जिलों में ऑक्सीजन गैस की कमी की वजह से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
oxygen cylinder
- फोटो : अमर उजाला
मोदी केमिकल्स के निदेशक प्रवीण मोदी ने बताया कि शनिवार को फैजाबाद में ऑक्सीजन गैस तकरीबन पूरी तरह से खत्म हो चुकी थी। ऐसे में वहां से मांग आने पर उनके प्लांट से ऑक्सीजन गैस सिलिंडर की सप्लाई की गई। दरअसल गोरखपुर में मोदी केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड और आरके ऑक्सीजन गैस प्लांट में प्रतिदिन 2500 ऑक्सीजन गैस सिलिंडर रिफिलिंग की क्षमता है। जबकि अभी गोरखपुर में अधिकतम 1500 ऑक्सीजन गैस सिलिंडर की ही मांग बीआरडी मेडिकल कॉलेज समेत विभिन्न अस्पतालों से आ रही है। ऐसे में इन दोनों फैक्ट्रियों के द्वारा आसानी से आपूर्ति कर दी जा रही है।
ऑक्सीजन सिलिंडर
- फोटो : pixabay
यूपी इंवेस्टर्स समिट में करार के बाद बढ़ी ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता
यूपी इंवेस्टर्स समिट के दौरान प्रदेश सरकार के साथ करार के बाद गोरखपुर में ऑक्सीजन गैस उत्पादन की क्षमता में बढ़ोतरी हुई है। 2019 में मोदी केमिकल्स ने गोरखपुर में ऑक्सीजन गैस प्लांट के विस्तारीकरण के लिए सरकार के साथ समझौता किया था। इसके तहत मोदी केमिकल्स की ओर से क्रायोजेनिक स्टोरेज टैंक लगाया गया। इस टैंक की क्षमता 24,500 लीटर की है। इसकी वजह से मोदी केमिकल्स की क्षमता बढ़कर करीब 1600 सिलिंडर प्रति दिन की हो गई है। पहले यह क्षमता मात्र 800 सिलिंडर प्रति दिन की ही थी।
यूपी इंवेस्टर्स समिट के दौरान प्रदेश सरकार के साथ करार के बाद गोरखपुर में ऑक्सीजन गैस उत्पादन की क्षमता में बढ़ोतरी हुई है। 2019 में मोदी केमिकल्स ने गोरखपुर में ऑक्सीजन गैस प्लांट के विस्तारीकरण के लिए सरकार के साथ समझौता किया था। इसके तहत मोदी केमिकल्स की ओर से क्रायोजेनिक स्टोरेज टैंक लगाया गया। इस टैंक की क्षमता 24,500 लीटर की है। इसकी वजह से मोदी केमिकल्स की क्षमता बढ़कर करीब 1600 सिलिंडर प्रति दिन की हो गई है। पहले यह क्षमता मात्र 800 सिलिंडर प्रति दिन की ही थी।
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ऑक्सीजन सिलिंडर
- फोटो : अमर उजाला
सुबह छह बजे से रात 12 बजे तक की जा रही है ऑक्सीजन गैस की सप्लाई
प्रवीण मोदी ने बताया कि इन दिनों ऑक्सीजन गैस की सप्लाई तकरीबन दोगुनी हो गई है। ऐसे में अन्य विभाग के कर्मचारियों को भी इसी काम में लगाया गया है। सुबह छह बजे से ही ऑक्सीजन गैस सिलिंडर की सप्लाई शुरू हो जाती है जो तकरीबन रात 12-1 बजे तक चलती रहती है।
प्रवीण मोदी ने बताया कि इन दिनों ऑक्सीजन गैस की सप्लाई तकरीबन दोगुनी हो गई है। ऐसे में अन्य विभाग के कर्मचारियों को भी इसी काम में लगाया गया है। सुबह छह बजे से ही ऑक्सीजन गैस सिलिंडर की सप्लाई शुरू हो जाती है जो तकरीबन रात 12-1 बजे तक चलती रहती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
आशंका में ऑक्सीजन गैस सिलिंडर इकट्ठा कर रहे लोग
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए आक्सीजन की किल्लत को लेकर आशंकित लोगों ने अपने- अपने घरों में ऑक्सीजन गैस सिलिंडर जमा करना शुरू कर दिया है। सामान्य दिनों में जितने आक्सीजन सिलिंडर की जरूरत घर पर लोगों को होती थी, उसके अतिरिक्त 15 से 20 सिलिंडर की मांग इस समय रोज हो रही है। मोदी केमिकल्स के प्रवीण मोदी का कहना है कि डेढ़ क्यूबिक मीटर वाले छोटे आक्सीजन सिलिंडर का उत्पादन पहले से कम होता है। इसे एंबुलेंस में प्रयोग किया जाता है या घर पर। पहले से जिनका इलाज चलता है, वे नियमित रूप से सिसिंडर ले जाते हैं। पर, इस समय आक्सीजन खत्म हो जाने की अफवाह ने समस्या बढ़ा दी है। जरूरतमंद लोगों के अलावा भी 15 से 20 सिलिंडर की मांग ऐसे लोगों द्वारा की जा रही है, जिन्हें अभी इसकी कोई जरूरत नहीं है। यह सिलिंडर उनके गोदाम से या डीलर के यहां से ले जाए जा रहे हैं।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को देखते हुए आक्सीजन की किल्लत को लेकर आशंकित लोगों ने अपने- अपने घरों में ऑक्सीजन गैस सिलिंडर जमा करना शुरू कर दिया है। सामान्य दिनों में जितने आक्सीजन सिलिंडर की जरूरत घर पर लोगों को होती थी, उसके अतिरिक्त 15 से 20 सिलिंडर की मांग इस समय रोज हो रही है। मोदी केमिकल्स के प्रवीण मोदी का कहना है कि डेढ़ क्यूबिक मीटर वाले छोटे आक्सीजन सिलिंडर का उत्पादन पहले से कम होता है। इसे एंबुलेंस में प्रयोग किया जाता है या घर पर। पहले से जिनका इलाज चलता है, वे नियमित रूप से सिसिंडर ले जाते हैं। पर, इस समय आक्सीजन खत्म हो जाने की अफवाह ने समस्या बढ़ा दी है। जरूरतमंद लोगों के अलावा भी 15 से 20 सिलिंडर की मांग ऐसे लोगों द्वारा की जा रही है, जिन्हें अभी इसकी कोई जरूरत नहीं है। यह सिलिंडर उनके गोदाम से या डीलर के यहां से ले जाए जा रहे हैं।