कोरोना का कहर कितना क्रूर है, यह गोरखपुर शहर के बशारतपुर में शुक्ला परिवार की हालत को देखकर कोई भी समझ सकता है। महज चार दिनों के भीतर विनोद शुक्ला की खुशियां बिखर गईं। अचानक वे और पत्नी कोरोना संक्रमित हो गए। अस्पताल में भर्ती कराया गया। तबीयत भी सुधरी लेकिन रविवार की सुबह पत्नी अनीता शुक्ला (45 वर्ष) ने दुनिया को अलविदा कह दिया।
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : PTI
विनोद अस्पताल में अभी जीवन और मौत से जूझ रहे हैं। बदनसीबी ऐसी कि एक महीने बाद 27 मई को जिस अर्धांगिनी के साथ शादी की 27 वीं सालगिरह धूमधाम के साथ मनाने की योजना बनाई थी, आखिरी पलों में अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
स्वभाव से बेहद हंसमुख विनोद का परिवार काल की क्रूरता से बिखर गया है। रविवार की सुबह एक बेटा अस्पताल तो दूसरा घर पर था। घरवालों ने पत्नी की मौत की सूचना विनोद को नहीं दी। गोलघर स्थित गर्ग अस्पताल में एक तरफ विनोद भर्ती थे तो दूसरी ओर पत्नी की लाश भी वहीं थी। भाई इंद्रजीत शुक्ला कभी अंतिम संस्कार के बारे में सोच रहे थे तो कभी भाई की तबीयत को लेकर फिक्र थी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
विनोद को कुछ अनहोनी का अहसास हो गया, तभी जब दोपहर में विनोद को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा था तो उनकी आंखें नम थीं। परिवार वालों से बोल पड़े कि अनीता अब नहीं रही क्या? यह सुनकर सभी स्तब्ध रह गए। किसी के मुंह से एक शब्द तक नहीं निकला।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
दोपहर बाद राजघाट पर अनीता का कोविड प्रोटोकाल के बीच अंतिम संस्कार किया गया। हालात ऐसे थे कि अनीता के कलेजे के दोनों टुकड़े अंतिम वक्त में मां से लिपट भी नहीं पाए। बस तमाशबीन बन दूर-दूर खड़े रहे। पूरे समय अनीता के लाडलों की आंखों से आंसू झरने की तरह बहते रहे।