नाग देवता की उपासना का पर्व नाग पंचमी इस वर्ष दो अगस्त को मनाया जाएगा। इस अवसर पर महानगर के सभी छोटे-बड़े शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी, जहां भक्त विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान शिव और नाग देवता को प्रसन्न करेंगे। वाराणसी से प्रकाशित हृषिकेश पंचांग के अनुसार, इस दिन उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र दिन में तीन बजकर 47 मिनट तक पश्चात हस्त नक्षत्र है। इसी प्रकार शिव योग शाम बजकर 53 मिनट तक विद्यमान है।
Nag Panchami: इस बार शिव योग में मनेगी नाग पंचमी, ग्रह-नक्षत्रों का बन रहा है अद्भुत संयोग
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 30 Jul 2022 11:58 AM IST
सार
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, दूध को चंद्रमा का प्रतीक माना गया है। इसके साथ ही भगवान शिव के मस्तक पर भी चंद्रमा विराजमान हैं। बताया कि ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन का कारक ग्रह बताया गया है। मन को शिव के प्रति समर्पण के उद्देश्य से भी नागपंचमी पर नाग को दूध पिलाया जाता है।
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