मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। यहां एक ही मंडप में मां और बेटी दोनों ने सात फेरे लिए हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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बेईली देवी के साथ पति जगदीश।
- फोटो : अमर उजाला।
बता दें कि पिपरौली ब्लॉक क्षेत्र के कुरमौल निवासी बेइली के पति की मृत्यु हो चुकी है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बेइली ने अपनी और पुत्री इंदू की शादी का रजिस्ट्रेशन करा रखा था। बेइली की उसके देवर जगदीश (55) और बेटी इंदू की शादी पाली निवासी राहुल के साथ हुई।
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गोरखपुर में सामूहिक विवाह।
- फोटो : अमर उजाला।
मां-बेटी के एक मंडप में शादी तथा उम्र के आखिरी पड़ाव में शादी को लेकर खूब चर्चा हो रही है। इस अनोखी विवाह के दौरान साक्षी के रूप में बीडीओ डॉ. सीएस कुशवाहा, सत्यपाल सिंह, रमेश द्विवेदी, बृजेश यादव, रतन सिंह, सुनील पांडेय आदि मौजूद रहे।
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गोरखपुर में सामूहिक विवाह।
- फोटो : अमर उजाला।
पिपरौली ब्लाक के ग्राम सभा कुरमौल निवासी 55 वर्षीय जगदीश तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं और घर पर रहकर खेती-बारी करते हैं। 55 वर्ष की उम्र होने तक जगदीश ने शादी नहीं की थी और अविवाहित ही जिंदगी गुजार रहे थे।
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सामूहिक विवाह।
- फोटो : अमर उजाला।
बड़े भाई हरिहर की शादी 53 वर्षीय बेला देवी से हुई थी और उनके दो पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। बेला देवी के पति की मौत करीब 25 वर्ष पहले हो गई और अपने बच्चों को पढ़ाने-लिखाने के बाद दो पुत्रों तथा दो पुत्रियों की शादी कर चुकी हैं।