कोरोना की कोवैक्सीन के ट्रॉयल के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज को दो हजार से अधिक वालंटियर की जरूरत है। इसमें सभी आयु और वर्ग के लोगों को शामिल किया जाएगा। तीसरे चरण के ट्रॉयल के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज को शासन की ओर से मंजूरी दी गई है।
कोरोना वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल मंजूर, दो हजार से अधिक वालंटियर की जरूरत
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जानकारी के मुताबिक, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) और भारत बॉयोटेक की ओर से तैयार कोवैक्सीन के दो चरण के ट्रॉयल गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में हो चुके हैं। पहले चरण में आठ और दूसरे चरण में 14 वालंटियरों को शामिल किया गया था।
इसके बाद वालंटियरों के स्वास्थ्य की निगरानी की जा रही थी। अब तक उनके स्वास्थ्य संबंधी कोई शिकायतें नहीं मिली हैं। इसे देखते हुए भारत बॉयोटेक ने तीसरे चरण के ट्रॉयल के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज का चयन किया है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि पहले अक्तूबर माह में ही ट्रॉयल होना था, लेकिन शासन की ओर से इसे और बढ़ा दिया गया है। ट्रॉयल के लिए दो हजार से अधिक वालंटियर की जरूरत होगी। बताया कि और वालंटियर की जरूरत होगी, तो इसकी जानकारी भारत बॉयोटेक के अधिकारी देंगे। अभी भारत बॉयोटेक की ओर से कोई नहीं आया है। ऐसे में ट्रॉयल में थोड़ा वक्त लग सकता है। ट्रॉयल में सभी आयु, वर्ग के लोगों को शामिल किया जाएगा।
तीन सदस्यीय टीम का हो चुका है गठन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज ने ट्रॉयल की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए तीन शिक्षकों की कमेटी बनाई गई है। कमेटी की अगुवाई सोशल एंड प्रिवेंटिव मेडिसिन (एसपीएम) के विभागाध्यक्ष प्रो. डीके श्रीवास्तव कर रहे हैं। इनके अलावा कमेटी में मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अजहर अली और फार्मोकोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जमाल हैदर शामिल हैं।