फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बेअसर हो रहा है संक्रमण: कोरोना के मरीजों के लिए वैक्सीन रामबाण, रिकवरी दर 83 प्रतिशत से अधिक

Mon, 07 Feb 2022 11:57 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 07 Feb 2022 11:57 AM IST
विज्ञापन
More than five thousand people beat Corona in home isolation
कोरोना वैक्सीन। - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर में कोरोना के मरीजों के लिए वैक्सीन रामबाण है। पांच हजार से ज्यादा संक्रमितों ने होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना को मात दी है। इनमें से 99 प्रतिशत मरीजों ने कोरोना की वैक्सीन लगवाई थी। इसका परिणाम यह हुआ कि पहली और दूसरी लहर की तुलना में इस बार रिकवरी दर 83.17 प्रतिशत है, जबकि दोनों लहरों में रिकवरी दर 60 से 65 प्रतिशत के बीच थी।



कोरोना की तीसरी लहर में आईसीएमआर ने कोरोना प्रोटोकाल में बदलाव कर दिया है। प्रोटोकाल के हिसाब से जिन मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हो रही है, उस दिन से सात दिन बाद उसे कोरोना मुक्त मान लिया जाता है। दूसरी लहर में यह प्रोटोकाल 10 दिन का था।

 

More than five thousand people beat Corona in home isolation
टीकाकरण: कोरोना की वैक्सीन लगवाती महिला - फोटो : अमर उजाला

सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के मुकाबले इस बार तीसरी लहर का फैलाव ज्यादा तो है, लेकिन वायरस जानलेवा नहीं है। इसकी वजह कोरोनारोधी वैक्सीन है। वैक्सीन की वजह से शरीर को उतना नुकसान नहीं हो रहा है। यही कारण है कि लोग होम आइसोलेशन में रहकर आसानी से कोरोना को मात दे रहे हैं। अब तक पांच हजार से अधिक लोग घर पर ही रहकर कोरोना संक्रमण से मुक्ति पा ली है। दूसरी लहर में मरीजों के शरीर में ऑक्सीजन की कमी देखने को मिल रही थी, इस बार ऐसा नहीं है।

More than five thousand people beat Corona in home isolation
कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : PTI

वैक्सीन की वजह से शरीर के अंदर नहीं पहुंच पा रहा वायरस

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमरेश सिंह ने बताया कि वैक्सीन की वजह से इस बार कोरोना का वायरस शरीर के ऐसे हिस्सों में नहीं पहुंच पा रहा है, जहां से शरीर को ज्यादा नुकसान हो। लोगों को हल्की सर्दी और जुकाम ही हो रहे हैं, जो आसानी से ठीक हो जा रहे हैं। वहीं पहली और दूसरी लहर में वायरस महज तीन से चार घंटे के अंदर फेफड़ों तक पहुंच जाता था। इस वजह से फेफड़ों को ज्यादा नुकसान होता था।


 

विज्ञापन
विज्ञापन
More than five thousand people beat Corona in home isolation
गोरखपुर में टीकाकरण। - फोटो : अमर उजाला।

आठ दिनों की स्थिति

तिथि                         संक्रमितों की संख्या                     स्वस्थ लोगों की संख्या
25 जनवरी                     267                                       390
26 जनवरी                     238                                       292
27 जनवरी                     147                                       235
28 जनवरी                      191                                      335
29 जनवरी                      181                                      256
30 जनवरी                      105                                      265
31 जनवरी                       72                                      145
एक फरवरी                    116                                       273



 

विज्ञापन
More than five thousand people beat Corona in home isolation
टीकाकरण के दौरान भाजपा विधायक विपिन सिंह और सीएमओ आशुतोष दुबे। फाइल - फोटो : अमर उजाला।

सीएमओ डॉ.आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि गोरखपुर जिले में तीसरी लहर के दौरान संक्रमण की दर चार फीसदी से अधिक थी। मौजूदा समय में 2.17 फीसदी संक्रमण की दर है, लेकिन वैक्सीन की वजह से इस बार लोगों को खतरा कम हुआ है। जिन लोगों ने कोरोना की वैक्सीन लगवाई थी, उन्हें अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ी। होम आइसोलेशन में रहकर कोरोना को मात दी है। वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार है।  

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed