नेपाल के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल तापलेजुंक जिले के पाथिभरा जंगल में पिछले एक सप्ताह से आग लगी है। यह आग बढ़ती ही जा रही है। आग की चपेट में आने से जंगल क्षेत्र में रहने वाले लाल पांडा सहित अन्य वन्यजीव जंतुओं पर संकट उत्पन्न हो गया है। मौके पर नेपाली सेना और पुलिस के जवान हेलीकॉप्टर की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे हैं। तापलेजुंक जिले के पाथिभरा जंगल में शुक्रवार को लगी आग पर नेपाली आर्मी गुरुवार को भी काबू नहीं पा सकी। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
तस्वीरें: नेपाल के पाथिभरा जंगल में लगी आग, छह दिन बाद भी नहीं पाया जा सका काबू
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नेपाल वन विभाग प्रभारी फुग्यु बाबू शेरपा ने बताया कि पर्यटक स्थल पाथिभरा के लगभग 90 हेक्टेयर वन क्षेत्र में आग फैल गई है। यह आग फैलती जा रही है, यह अनुमान लगाना संभव नहीं है कि आग से कितना वन क्षेत्र नष्ट हो गया।
हिमाली समृद्धि मंच के कार्यक्रम समन्वयक रमेश राय ने कहा कि संगठन लाल पांडा क्षेत्र में काम कर रहा है, जहां पाथिभरा क्षेत्र में 80 हेक्टेयर जंगल के भीतर ब्लॉक में लाल पांडा निवास करते हैं। यह अनुमान लगाना संभव नहीं है कि आग लगने से कितने लाल पांडा दूसरी जगह जाने में कामयाब रहे या कितने मारे गए। आग की वजह से पाथिभरा इलाके का फवाखोला जंगल और सांची क्षेत्र का जंगल भी जल गया है।
पाथिभरा क्षेत्र विकास समिति के निदेशक मनमनी काफले ने कहा कि तेज हवाओं के कारण आग एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में आसानी से फैल रही है। जब तक बर्फबारी या बारिश नहीं होती तब तक आग को बुझाया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि अगर पाथिभरा क्षेत्र के पश्चिम में मायाम पाताल के जंगल में आग लगी तो मानव बस्ती भी क्षतिग्रस्त हो जाएगी।