जम्मू कश्मीर के राजौरी के नौशेरा सेक्टर में शहीद गोरखा रेजीमेंट के हवलदार दीपक कार्की को मंगलवार देर रात राप्ती नदी के राजघाट पर अंतिम विदाई दी गई। सैन्य कर्मियों की मौजूदगी में राजकीय सम्मान के साथ शहीद के पार्थिव शरीर को लाया गया, फिर पत्नी व मासूम बेटा सहित परिवार के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।
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Martyr Deepak Karki
- फोटो : अमर उजाला।
पाकिस्तानी सेना की ओर से की जा रही फायरिंग में दीपक कार्की (37) सोमवार को शहीद हो गए थे। वे नेपाल में बुटवल के रहने वाले थे। मौत की खबर से उनके परिवार में कोहराम मच गया। मंगलवार की शाम करीब 7.30 बजे विशेष विमान से पार्थिव शरीर गोरखपुर एयरपोर्ट लाया गया।
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यहां शहीद के परिवार व गोरखा रेजीमेंट के अधिकारियों सहित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने अंतिम दर्शन किया। फिर राजकीय सम्मान के साथ राप्ती तट पर अंतिम संस्कार किया गया। इससे पूर्व गोरखा रेजीमेंट के जवानों ने सलामी दी और पुष्प चक्र अर्पित किया। वहीं छह साल के बेटे ने उनको मुखाग्नि दी।
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- फोटो : अमर उजाला।
शहीद के अंतिम दर्शन में नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल, डीएम के विजयेंद्र पांडियन, एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी रिटायर्ड कर्नल केए मैथ्यू, गोरखा रेजीमेंट व एयरफोर्स के उच्चाधिकारी मौजूद रहे। रक्षा विभाग के पीआरओ शैलेंद्र पांडेय और जिला सैनिक कल्याण अधिकारी केए मैथ्यू ने बताया कि दीपक राजौरी के नोसेरा सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की फायरिंग का जवाब देते हुए शहीद हुए।
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पाकिस्तान ने किया था संघर्ष विराम का उल्लंघन
पाकिस्तानी सेना ने राजोरी जिले के नौशेरा सेक्टर में सोमवार को संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था। इस दौरान सीमा पार से भारी गोलाबारी की गई। जिसका भारतीय सेना ने माकूल जवाब दिया। गोलाबारी में दीपक कार्की शहीद हो गए।