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विशेष खबर: आबोहवा खराब कर रहे गोरखपुर शहर के कई होटल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जारी किया नोटिस

Sat, 12 Nov 2022 01:24 PM IST
vivek shukla राजीव रंजन, गोरखपुर।
राजीव रंजन, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 12 Nov 2022 01:24 PM IST
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Many hotels in Gorakhpur city spoiling climate in Gorakhpur
प्रदूषण। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

गोरखपुर शहर के कई होटल भूमिगत जल के साथ हवा की भी सेहत खराब कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर के 131 होटलों को नोटिस जारी करके 15 दिनों में जवाब मांगा है। उचित जवाब नहीं मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी। होटल पर ताला भी लगाया जा सकता है।



राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के निर्देश पर शासन स्तर से गठित कमेटी की जांच में विभिन्न होटलों में भूमिगत जल के इस्तेमाल और बिजली कटने पर चलाए जाने वाले जेनरेटर के मानकों में कई तरह की गड़बड़ियां मिली हैं। समिति की जांच में पता चला है कि शहर के पांच होटलों को छोड़कर अन्य किसी ने भूगर्भ जल विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं लिया है।

 

Many hotels in Gorakhpur city spoiling climate in Gorakhpur
प्रदूषण। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

इसी वजह से उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 131 होटलों को दूसरी बार नोटिस जारी करके 15 दिनों में जवाब मांगा है। बोर्ड के एक अधिकारी का कहना है कि उचित जवाब नहीं मिलने पर संबंधित होटलों पर पेनाल्टी लगाई जाएगी। होटल को बंद भी किया जा सकता है।

 

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प्रदूषण। (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : istock

दरअसल, किसी भी होटल के संचालन के लिए विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना जरूरी होता है। भूमिगत जल के इस्तेेमाल के लिए भूगर्भ जल विभाग से और जेनरेटर के इस्तेमाल के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होता है। हवा को प्रदूषण से बचाने के लिए सभी होटलों को डीजल जेनरेटर (डीजी) सेट लगाना जरूरी होता है।

 

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गोरखपुर में प्रदूषण। - फोटो : अमर उजाला।

शासन स्तर पर गठित है कमेटी
होटलों में वायु और भूमिगत जल की गुणवत्ता बरकरार रखने संबंधी विभिन्न मानकों की जांच के लिए शासन स्तर पर तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसमें केंद्रीय भूगर्भ जल विभाग के डॉ. फकरे आलम, जिला प्रशासन की ओर से एसीएम विनय पांडेय और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक सहायक अयोध्या प्रसाद शामिल हैं। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है।  

 

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वायु प्रदूषण (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : PTI
प्रदूषण फैलाने पर लग सकता है 10 लाख रुपये जुर्माना  
भूमिगत जल को प्रदूषित करने और बिना अनुमति इस्तेमाल करने पर भूगर्भ जल विभाग पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगा सकता है। वहीं, भूमिगत जल को प्रदूषित करने पर दो साल तक की सजा हो सकती है। होटलों के कमरों के हिसाब से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का मुआवजा वसूल सकता है।

क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी पंकज यादव ने कहा कि भूमिगत जल को प्रदूषित करने और डीजल जनरेटर सेट संबंधी विभिन्न मानकों के संबंध में शहर के 131 होटलों को नोटिस दिया गया है। 15 दिनों में जवाब मांगा गया है। उचित जवाब नहीं मिलने पर संबंधित होटलों पर पेनाल्टी लगाई जाएगी। होटल को बंद भी किया जा सकता है।
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