नेपाल में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध तेज होता जा रहा है। कानून के विरोध में जनमत पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार देर शाम कई स्थानों पर प्रधानमंत्री का पुतला जलाया। कानून को काला कानून करार देते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
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- फोटो : अमर उजाला।
नेपाल जनमत पार्टी के अध्यक्ष डॉ. सीके राउत की अगुवाई में शुक्रवार की देर शाम रुपनदेही क्षेत्र के कोटहीमाई गांव पालिका, लुंबिनी सांस्कृतिक नगर पालिका, सम्मारिमाई गांव पालिका, ओड़वालिया, परसा, भैरहवा, महिलवार सहित अन्य जगहों पर नेपाल सरकार और प्रधानमंत्री के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर पुतला जलाया गया।
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- फोटो : अमर उजाला।
इस दौरान प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के विरोध में लोगों ने भैंस के सिर पर उनकी फोटो लगाकर जुलूस भी निकाला। डॉ. सीके राउत ने कहा कि सरकार ने नागरिकता कानून में संशोधन करते हुए नया कानून पारित किया है। जिसके तहत अब किसी देश की लड़की अगर नेपाल निवासी किसी लड़के के साथ विवाह करती है तो उसे विवाह के सात साल बाद ही नेपाल का नागरिकता मिलेगी।
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- फोटो : अमर उजाला।
जबकि पहले विवाह के पश्चात वह नेपाल की नागरिक बन जाती थी। इसी कानून का विरोध हमारी जनमत पार्टी के द्वारा पिछले एक हफ्ते से लगातार जारी है। जब तक सरकार कानून संशोधन को वापस नहीं ले लेती तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार को मित्रराष्ट्र भारत से पूर्व की भांति मित्रवत संबंध बनाए रखने और चीन से दूरी बनाए रखने के लिए भी कहा।
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- फोटो : अमर उजाला।
प्रदर्शनकारियों ने केपी शर्मा ओली मुर्दाबाद नेपाल सरकार होश में आओ, मधेश विरोधी सात साल का नागरिकता कानून वापस लो, भारत नेपाल में मित्रता संबंध कायम करो जैसे नारे लगाए गए। इस दौरान जनमत पार्टी के जिला इंचार्ज रूपनदेही रामकेश गुप्ता, महेश लोधी, विजय बनिया, गगन यादव, रमेश, गोलू, सुमंत, विजय, अजय मिश्र, राकेश चौधरी, विकास प्रसाद लोध, भोपेंद्र प्रसाद आदि शामिल रहे।