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Gorakhpur: न्यूरो के गंभीर मामलों में हाथ खड़े कर दे रहा BRD, मरीजों को रेफर किया जा रहा KGMU और SGPGI

Sun, 04 Dec 2022 12:58 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 04 Dec 2022 12:58 PM IST
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Lucknow KGMU and SGPGI being referred patients in serious neuro cases from BRD
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

न्यूरो (मस्तिष्क, नस, मांसपेशियों और रीढ़ आदि से संबंधित) के गंभीर मरीजों के इलाज में बीआरडी मेडिकल कॉलेज हाथ खड़े कर दे रहा है। इमरजेंसी ही नहीं ओपीडी के भी गंभीर मरीजों को हायर सेंटर लखनऊ रेफर किया जा रहा है। ऐसे मरीजों की संख्या प्रतिदिन तीन से चार है। अन्य विभागों के मरीजों की संख्या जोड़ दी जाए, तो 15 से 20 मरीज रोज रेफर किए जा रहे हैं।



यह हाल तब है, जब मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सेवा की शुरुआत की जा चुकी है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इमरजेंसी में न्यूरो के एक ही डॉक्टर की ड्यूटी है। इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में अभी इमरजेंसी सेवा शुरू नहीं हो पाई है। इस वजह से गंभीर मरीजों को लखनऊ के लिए रेफर करना पड़ जाता है।

 

Lucknow KGMU and SGPGI being referred patients in serious neuro cases from BRD
BRD - फोटो : अमर उजाला।

दरअसल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में डॉक्टरों की तैनाती के बाद ओपीडी सेवा शुरू हो गई है, लेकिन  इमरजेंसी सेवा शुरू नहीं हो पाई है। इस कारण गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को नेहरू अस्पताल स्थित इमरजेंसी वार्ड में जाना पड़ रहा है। इस इमरजेंसी वार्ड में न्यूरो के एक ही डॉक्टर की तैनाती है। कोई सीनियर रेजीडेंट भी नहीं है। ऐसे में गंभीर मरीजों का इलाज मुश्किल हो जाता है। वहीं, सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में भी सीनियर रेजीडेंट नहीं है। इस वजह से मरीजों को 24 घंटे सेवा का लाभ नहीं मिल रहा है।

 

Lucknow KGMU and SGPGI being referred patients in serious neuro cases from BRD
BRD medical college - फोटो : अमर उजाला

ठंड के मौसम में बढ़ जाती है न्यूरो के मरीजों की संख्या
बदल रहे मौसम में न्यूरो से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिला अस्पताल से लेकर मेडिकल कॉलेज तक में हर दिन आठ से 10 मरीज पहुंच रहे हैं। न्यूरो मेडिसिन डॉ अनुराग सिंह ने बताया कि ठंड के मौसम में पैरालाइसिस के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है।

ऐसे में ज्यादा सावधानी की जरूरत होती है। जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ रोहित गुप्ता ने बताया कि ठंड का मौसम दिल के रोगियों के लिए भी खतरनाक हो जाता है। ऐसे रोगियों को इस मौसम में न्यूरो संबंधित खतरा ज्यादा होता है।

 

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Lucknow KGMU and SGPGI being referred patients in serious neuro cases from BRD
प्राचार्य बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉ गणेश कुमार। - फोटो : अमर उजाला

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में न्यूरो सर्जन और न्यूरो मेडिसिन की टीमें मरीजों की जांच कर रही हैं। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का भी इलाज किया जा रहा है। अति गंभीर स्थिति होने पर ही मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया जाता है।  

 

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Lucknow KGMU and SGPGI being referred patients in serious neuro cases from BRD
मरीज - फोटो : सोशल मीडिया।
केस-एक  
शहर के रहने वाले शुमशुद्दीन (56) को शुक्रवार को अचानक पैरालाइसिस (लकवा) मार दिया। परिजन उन्हें लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड पहुंचे। चिकित्सकों ने प्रारंभिक इलाज करके मरीज को हायर सेंटर केजीएमयू और एसजीपीजीआई रेफर कर दिया। अब मरीज का इलाज केजीएमयू में चल रहा है।

केस-दो
बिहार के बगहा के रहने वाले रामसुभग (53) को न्यूरो संबंधित दिक्कत थी। परिजन इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर लेकर आए। लेकिन डॉक्टरों ने लखनऊ हायर सेंटर रेफर कर दिया। अब परिजन शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
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