लॉकडाउन में फंसे 7079 यात्रियों को लेकर मंगलवार को छह श्रमिक स्पेशल ट्रेनें गोरखपुर पहुंचीं। मुंबई से चलीं दो ट्रेनों को गोंडा में ही रोक दिया गया। इनमें सभी यात्री गोंडा के ही थे। रेलवे स्टेशन आए यात्रियों का थर्मल स्क्रीनिंग की गई और पहले से खड़ी बसों में बैठाकर घर भेज दिया गया।
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- फोटो : अमर उजाला।
प्लेटफॉर्म एक पर मंगलवार को सबसे पहली ट्रेन सुबह 7:15 बजे पुणे से आई। इससे 1078 यात्री उतरे। दूसरी ट्रेन झांसी से 264 यात्रियों को लेकर सुबह 9 बजे आई। इसमें ज्यादातर यात्री गोंडा में ही उतर गए।
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इसके बाद 11:15 बजे बजे लुधियाना, पंजाब से, साहिबजादा अजीत सिंह नगर, पंजाब से 11:55 बजे , दोपहर 1:45 बजे चंडीगढ़ से अन्य ट्रेनें यात्रियों को लेकर आईं। इसके अलावा दो अन्य ट्रेनों में 1136 व 1214 श्रमिक और उनके घरवाले आए।
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सभी यात्रियों को जीआरपी की ओर से मक्के के भूजे का पैकेट, एक छोटा पैकेट बिस्किट और एक साबुन दिया गया। जीआरपी इंस्पेक्टर आनंद सिंह और राम कवल सिंह की निगरानी में बच्चों को फ्रूटी का पैकेट भी दिया गया।
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कुशीनगर के रहने वाले अल्ताफ अंसारी ने बताया कि पंजाब में पेंट-पालिस कराने वाले ठेकेदार का रास्ते में ही फोन आया था। मैंने मना कर दिया। जब वहां थे, कोई मदद को नहीं आया। हमारा गांव ही सबसे अच्छा है। अब यहीं कोई रोजगार ढूढेंगे।
वहीं देवरिया के रहने वाले अनंत कुमार ने बताया कि चंडीगढ़ में भूखे-प्यासे जिस तरह से हमने समय गुजारा है, उसे ताउम्र नहीं भूलेंगे। गनीमत थी कि ट्रेन मिल गई और अब गांव जा रहे हैं। साथी ने फोन किया था कि फैकटरी चलने वाली है, बुला रहे हैं। लेकिन हमने मना कर दिया।